नेता प्रतिपक्ष बोले पर्यवेक्षक गांव-गांव जाकर जनता से ले रहे राय, फीडबैक के आधार पर होगा टिकटों का फैसला,राजऋषि चौराहे का नाम बदलने पर सरकार को घेरा, वोट चोरी को लेकर चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल
अलवर। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने टिकट वितरण से लेकर चुनावी पारदर्शिता और प्रदेश सरकार की कार्यशैली तक पर भाजपा को निशाने पर लिया। जूली ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस में टिकट उसी कार्यकर्ता को मिलेगा, जो जिताऊ और टिकाऊ होने के साथ पार्टी की विचारधारा में विश्वास रखता हो और सरकार के दबाव से डरे बिना जनता के बीच मजबूती से खड़ा रहे। उन्होंने बताया कि पार्टी के पर्यवेक्षक गांव-गांव और पंचायत स्तर पर जाकर लोगों की राय ले रहे हैं। इसी फीडबैक के आधार पर टिकटों का चयन किया जाएगा।
जिताऊ-टिकाऊ उम्मीदवारों पर रहेगा फोकस, जनता की राय से तय होंगे टिकट
टीकाराम जूली ने कहा कि टिकट चयन में पार्टी कार्यकर्ता की चुनाव जीतने की क्षमता, संगठन के प्रति निष्ठा और कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सरकार के दबाव से न डरने वाला कार्यकर्ता भी पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है।
जूली ने कहा कि कांग्रेस ने इस प्रक्रिया के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं, जो विभिन्न पंचायतों और गांवों में पहुंचकर स्थानीय कार्यकर्ताओं एवं आम लोगों से राय ले रहे हैं। पार्टी का प्रयास है कि उम्मीदवारों का चयन जमीनी फीडबैक के आधार पर हो, ताकि चुनाव में मजबूत और जनसमर्थन वाले चेहरों को मैदान में उतारा जा सके।
निकाय चुनावों के परिणाम को कांग्रेस के लिए बताया उत्साहजनक
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि निकाय चुनाव में कांग्रेस को अपेक्षा के अनुरूप परिणाम मिले हैं और पार्टी का वोट शेयर अब तक के बेहतर प्रदर्शन में शामिल है। उन्होंने भाजपा के वोट प्रतिशत में गिरावट का दावा करते हुए कहा कि लोकसभा, विधानसभा और पिछले निकाय चुनावों की तुलना में भाजपा को कम वोट मिले हैं।
जूली ने आरोप लगाया कि भाजपा ने गुंडागर्दी और तानाशाही के दम पर चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की, लेकिन जनता का समर्थन कांग्रेस के साथ रहा। उन्होंने कहा कि चुनावी नतीजों को केवल सीटों की संख्या से नहीं, बल्कि वोट शेयर और जनता के रुझान से भी समझा जाना चाहिए।
वोट और चंदा चोरी का आरोप, चुनाव आयोग की जवाबदेही पर सवाल
जूली ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में वोट और चंदा चोरी जैसे मुद्दे लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
जूली ने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, वे सत्ता में बैठे हैं। उन्होंने राहुल गांधी और INDIA गठबंधन का उल्लेख करते हुए दावा किया कि देश में राजनीतिक बदलाव की लहर चल रही है और युवा सहित आम नागरिक चुनावी प्रक्रिया को लेकर जागरूक हो रहे हैं।
25 हजार वोट कटवाने के लिए फॉर्म-7 आने का दावा
वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए जूली ने दावा किया कि उनके स्वयं के 25 हजार वोट कटवाने के लिए फॉर्म-7 प्रस्तुत किए गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि इन फॉर्मों के स्रोत और उनके पीछे की प्रक्रिया को लेकर अब तक स्पष्ट जवाब क्यों नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। जूली ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग इस्तीफा नहीं देंगे, तो उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कथित वोट चोरी का मुद्दा लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकेगा।
ढोल नंगाडो के साथ उत्साह से लबरेज कार्यकर्ता पहुंचे कार्यालय
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली से मिलने कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उत्साह के रंग में रंगे हुए मोती डूंगरी स्थित कार्यालय पर अपनी दावेदारी करने पहुंचे। कार्यालय पर कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद, भंवर जितेंद्र सिंह जिंदाबाद, टीकाराम जूली जिंदाबाद के गगनभेदी नारे गूंजते रहे।
राजऋषि चौराहे का नाम बदलने पर सरकार को घेरा
चौराहे का नाम बदलने के मुद्दे पर जूली ने भाजपा सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के बजाय नाम बदलने की राजनीति कर रही है। राजऋषि की उपाधि का ऐतिहासिक महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि जिनका क्षेत्र के इतिहास से गहरा संबंध रहा है और जिन्होंने कॉलेज के लिए जमीन दी, उनके नाम को चौराहे से हटाना उचित नहीं है।
जूली ने इसे जाति और धर्म के आधार पर राजनीति करने का प्रयास बताते हुए कहा कि सरकार को ऐसे मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय जनता की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
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