पौष बड़े कार्यक्रम में महिलाओं ने भी लिया भाग
मिशनसच न्यूज, अलवर। शनिवार को जोहड़ा पटेल नगर स्थित मंदिर श्री 1008 श्री वृंदावन चंद्रमा जी महाराज मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ पौष बड़े का महोत्सव मनाया गया। ठंड के मौसम में भगवान को विशेष भोग अर्पित करने की परंपरा के अंतर्गत आयोजित इस महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धार्मिक आनंद की अनुभूति की।
मंदिर के पुजारी पंडित प्रदीप शर्मा (मोनू पंडित) ने बताया कि पौष मास में भगवान को गर्म एवं सात्विक भोग अर्पित करने की विशेष मान्यता है। इसी परंपरा के अनुसार मंदिर में पौष बड़े का आयोजन किया गया, जिसमें भक्ति संगीत, पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण के माध्यम से भक्तों ने प्रभु की सेवा की।
कार्यक्रम के दौरान महिला मंडली द्वारा भजनों की सुंदर प्रस्तुति दी गई। महिला मंडली की अगुवाई चंद्रभागा शर्मा ने की। उनके नेतृत्व में श्रीमती भगवती यादव, मुकुट सैनी, प्रेम सैनी, कृपा प्रजापत, शकुंतला सैनी, लालता सैनी, मीरा सैनी एवं मीनू राजपूत ने एक से बढ़कर एक भक्ति भजन प्रस्तुत किए। भजनों में भगवान की लीलाओं, भक्ति और प्रेम का ऐसा समावेश रहा कि मंदिर परिसर भक्तिरस में सराबोर हो गया।
भजनों की मधुर धुनों पर मंदिर में उपस्थित सभी श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नृत्य करते नजर आए। पूरा वातावरण “राधे-राधे” और “जय श्री कृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा। महिलाओं की भजन मंडली ने अपनी प्रस्तुति से न केवल धार्मिक भावनाओं को जागृत किया, बल्कि सामाजिक समरसता और सामूहिक भक्ति का भी सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया।
भजन कार्यक्रम के उपरांत भगवान श्री वृंदावन चंद्रमा जी महाराज को पौष बड़े का विशेष भोग अर्पित किया गया। भोग में हल्वा, पुए और चाय शामिल रही। विधिवत पूजा-अर्चना के बाद यह प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। ठंड के मौसम में गरम प्रसाद पाकर श्रद्धालुओं ने स्वयं को धन्य महसूस किया।
मंदिर समिति एवं स्थानीय श्रद्धालुओं ने आयोजन की व्यवस्था में सक्रिय सहयोग किया। साफ-सफाई, अनुशासन और श्रद्धा के साथ संपन्न हुए इस महोत्सव ने धार्मिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में पंडित प्रदीप शर्मा ने सभी भक्तों, महिला मंडली एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल धार्मिक आस्था मजबूत होती है, बल्कि समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और एकता की भावना भी प्रबल होती है।
पौष बड़े का यह महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और सामूहिक सहभागिता का सुंदर उदाहरण बनकर श्रद्धालुओं के मन में लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क
https://missionsach.com/category/india


