अलवर नगर निगम के नए आयुक्त सोहन सिंह नरूका ने पदभार संभालने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। एसएमडी सर्किल, राज ऋषि कॉलेज चौराहा और सांसद खेल उत्सव स्थल पर दिए दिशा-निर्देश।
मिशनसच न्यूज, अलवर। नगर निगम के नए आयुक्त सोहन सिंह नरूका ने मंगलवार को अपना पदभार ग्रहण किया। इससे पहले इस पद पर जितेंद्र सिंह नरूका कार्यरत थे, जिनका तबादला भूमि अवाप्ति अधिकारी, नगर विकास न्यास, अलवर के रूप में किया गया है।
पदभार ग्रहण करने के बाद नए आयुक्त ने शहर की सफाई व्यवस्था का मौके पर जाकर गहन निरीक्षण किया।
आयुक्त सोहन सिंह नरूका ने एसएमडी सर्किल और राज ऋषि कॉलेज चौराहा के आसपास रोड स्वीपर मशीन द्वारा की जा रही सफाई प्रक्रिया का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित सफाई निरीक्षकों और कर्मचारियों को साफ-सफाई को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर की सड़कों और नालों की नियमित सफाई नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आयुक्त ने विशेष रूप से नाला सफाई अभियान को नियमित रूप से जारी रखने और पब्लिक टॉयलेट्स की स्वच्छता सुनिश्चित करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता व्यवस्था नागरिकों की सुविधा और शहर की सुंदरता दोनों के लिए आवश्यक है।
सांसद खेल उत्सव स्थल का भी लिया निरीक्षण
आयुक्त सोहन सिंह नरूका ने मंगलवार को ही राज ऋषि कॉलेज खेल मैदान का भी दौरा किया। यह मैदान 30 अक्टूबर को आयोजित होने वाले अलवर सांसद खेल उत्सव का मुख्य स्थल होगा।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने नगर निगम अधिकारियों को कार्यक्रम स्थल पर सफाई व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और अन्य नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से न केवल युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरणा मिलती है बल्कि शहर की छवि भी सकारात्मक रूप से उभरती है। इसलिए नगर निगम की जिम्मेदारी है कि कार्यक्रम स्थल पर साफ-सुथरा और व्यवस्थित वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
आयुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि कार्यक्रम से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की अंतिम समीक्षा की जाए ताकि किसी प्रकार की कमी न रह जाए।
शहरवासियों से अपील
आयुक्त नरूका ने शहरवासियों से भी अपील की कि वे नगर निगम के प्रयासों में सहयोग करें और अपने आसपास की स्वच्छता पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि “स्वच्छ अलवर, सुंदर अलवर” का सपना तभी साकार हो सकता है जब नागरिक और प्रशासन मिलकर काम करें।


