अमित शाह की सभा तक की लॉलीपॉप खत्म, अब निकाय चुनाव से पहले कौन सी रेवड़ी बांटेगी सरकार, नियुक्ति पत्र दिए लेकिन ज्वाइनिंग पर तारीख पर तारीख
अलवर। अलवर नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की लंबित नियुक्ति का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 14 वर्ष के वनवास के बाद भगवान श्रीराम को भी अपना घर मिल गया था, लेकिन अलवर नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की स्थिति 14 वर्ष के वनवास से भी बदतर हो गई है।
जूली ने कहा कि कर्मचारियों के हाथ में नियुक्ति पत्र तो हैं, लेकिन नौकरी नहीं है। ना सरकार के मंत्री का धरना काम आया और ना ही अमित शाह की सभा से पहले दिए गए आश्वासन का लाभ मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी नौकरी की फाइल हाथ में लिए सफाई कर्मचारी आज भी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
नियुक्ति पत्र दिए, लेकिन ज्वाइनिंग पर तारीख पर तारीख
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने फिल्मी अंदाज में नियुक्ति पत्र तो बांट दिए, लेकिन ज्वाइनिंग के नाम पर कर्मचारियों को सिर्फ तारीख पर तारीख मिल रही है। उन्होंने कहा कि नगर निगम अलवर के सफाई कर्मचारियों के दर्द ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जूली ने आरोप लगाया कि यह सरकार राजनीतिक स्टंट का पर्याय बन चुकी है। मंच से बड़ी-बड़ी घोषणाएं की जाती हैं, लेकिन जमीन पर आम जनता को उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की घोषणाओं और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।
5 लोगों को लॉलीपॉप, बाकी को झुनझुना: जूली
टीकाराम जूली ने कहा कि वर्ष 2012 से लंबित मांगों को लेकर सफाई कर्मचारी लंबे समय से धरने पर बैठे थे। वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा धरना स्थल पर पहुंचे, इसके बाद पांच कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। उस समय यह आश्वासन भी दिया गया कि अमित शाह की रैली में अन्य कर्मचारियों को भी नियुक्ति पत्र मिलेंगे।
जूली ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के रोष को रैली तक शांत रखने के लिए आश्वासन दिए गए, लेकिन रैली समाप्त होने के बाद कर्मचारियों की समस्या जस की तस रह गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 5 लोगों को लॉलीपॉप मिला और बाकी कर्मचारियों के हाथ में झुनझुना रह गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की ज्वाइनिंग की फाइल आज भी अधिकारियों की मेज पर पड़ी है और कर्मचारी नियुक्ति पत्र लेकर ज्वाइनिंग का इंतजार कर रहे हैं।
अफसरशाही के आगे सरकार फेल: जूली
नेता प्रतिपक्ष ने राजस्थान सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज बची नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूरी तरह अफसरशाही की भेंट चढ़ चुकी है।
जूली ने कहा कि ऊपर मंत्री भाषण देते हैं और नीचे अधिकारी-कर्मचारी फाइलों को रोक देते हैं। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने अपने तीखे अंदाज में कहा कि राजस्थान में सरकार नहीं चल रही, बल्कि सर्कस चल रहा है, जिसका लाइव नमूना अलवर नगर निगम में देखने को मिल रहा है।
अमित शाह की रैली को लेकर भी साधा निशाना
टीकाराम जूली ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अलवर में हुई रैली का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि रैली से पहले कर्मचारियों के मामले को दबाने के लिए बड़े-बड़े आश्वासन दिए गए, लेकिन रैली के बाद उन आश्वासनों की वास्तविकता सामने आ गई।
जूली ने आरोप लगाया कि रैली में भीड़ जुटाने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया और ग्रामीणों को बसों में भरकर लाया गया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो और तस्वीरें कथित व्यवस्थाओं की तस्वीर सामने रख रहे हैं।
निकाय चुनाव से पहले अब कौन सी रेवड़ी बांटेगी सरकार?
टीकाराम जूली ने कहा कि नियुक्ति पत्र हाथ में लेकर ज्वाइनिंग के लिए भटक रहे कर्मचारियों के साथ अन्याय अब और नहीं सहा जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के पास नियुक्ति पत्र हैं, कागज पर हस्ताक्षर हैं, लेकिन सिस्टम में ज्वाइनिंग नहीं है।
उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि यदि नियुक्ति पत्र जारी कर दिए गए हैं तो ज्वाइनिंग क्यों नहीं दी जा रही है? उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव सिर पर हैं और अब सरकार कौन सी नई रेवड़ी बांटने वाली है।
जूली ने कहा कि पांच कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देकर बाकी कर्मचारियों को बहलाने का खेल अब नहीं चलेगा। सरकार को सभी पात्र कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर उन्हें नियमानुसार ज्वाइनिंग देनी चाहिए।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क


