मिशन सच न्यूज, नौगांवां। नौगांवां में आचार्य श्री 108 ज्ञानभूषण जी मुनिराज के पावन सानिध्य एवं उनकी परम प्रभावक शिष्या क्षुल्लिका 105 ज्ञानगंगा माताजी के मार्गदर्शन में बस स्टैंड स्थित महावीर भवन में जैन धर्म की नियमित कक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। इन कक्षाओं में महिलाएं, बच्चे, युवा एवं पुरुष बड़ी संख्या में भाग लेकर जैन धर्म के सिद्धांतों, नैतिक मूल्यों एवं आध्यात्मिक जीवन की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
धर्म कक्षाओं का समय वर्गवार निर्धारित किया गया है। दोपहर 3 से 4 बजे तक महिलाओं, शाम 6 से 7 बजे तक बच्चों तथा रात 8 से 9 बजे तक युवा एवं पुरुष वर्ग को धर्म, संयम और संस्कारों से संबंधित शिक्षाएं दी जा रही हैं। लगभग 21 वर्षों बाद नौगांवां में आचार्य श्री के वर्षावास के दौरान प्रत्येक परिवार को धर्मज्ञान की इस अनूठी साधना से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
आचार्य श्री ज्ञानभूषण जी मुनिराज ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली के बीच ऐसे धार्मिक शिविर व्यक्ति के जीवन में नैतिकता, अनुशासन और आत्मिक शांति का संचार करते हैं। धर्म के माध्यम से जीवन को संयमित एवं सार्थक बनाया जा सकता है।

क्षुल्लिका ज्ञानगंगा माताजी ने बताया कि संस्कार शिविरों का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में पूजा, दर्शन, संयम, अनुशासन, शाकाहार तथा भगवान महावीर के अहिंसा और सदाचार के सिद्धांतों के प्रति आस्था विकसित करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज, परिवार और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार एवं संस्कारित नागरिक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
धार्मिक गतिविधियों के प्रभावी संचालन एवं प्रचार-प्रसार के लिए ज्ञान चेतना महिला मंडल, ज्ञान चेतना बहु मंडल, ज्ञान चेतना युवक मंडल तथा ज्ञान चेतना बाल मंडल का गठन भी किया गया है। आयोजकों के अनुसार इन धर्म कक्षाओं में प्रतिदिन लगभग 200 महिला, पुरुष, युवा एवं बुजुर्ग सहभागिता कर धर्मज्ञान अर्जित कर रहे हैं।
आचार्य श्री संघ के 34वें चातुर्मास के दौरान नगर में धार्मिक वातावरण बना हुआ है। श्रद्धालुओं का कहना है कि आचार्य श्री के आगमन से घर-घर में धार्मिक चेतना का संचार हुआ है और लोग अधिकाधिक संख्या में धर्म, संयम एवं संस्कारों से जुड़ रहे हैं।
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