तैयारी बैठक में पांडुपोल और भर्तृहरि मेले की व्यवस्थाओं की समीक्षा, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर विशेष जोर
अलवर। पांडुपोल हनुमानजी महाराज मेले और बाबा भर्तृहरि महाराज मेले के सफल आयोजन को लेकर बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में तैयारी बैठक आयोजित की गई। अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय बीना महावर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि 14 से 16 सितंबर तक पांडुपोल हनुमानजी महाराज के मेले का आयोजन किया जाएगा, जबकि 17 से 19 सितंबर तक बाबा भर्तृहरि महाराज का मेला आयोजित होगा। इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, पेयजल, चिकित्सा और साफ-सफाई की व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अतिरिक्त जिला कलक्टर बीना महावर ने सार्वजनिक निर्माण विभाग और वन विभाग के अधिकारियों को मेले के मार्गों और सड़कों की मरम्मत करवाने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को बैरिकेडिंग की मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित करने और असुरक्षित भवनों को चिह्नित कर उनमें आमजन के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए कहा गया।
बैठक में विद्युत विभाग के अधिकारियों को बिजली के तारों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने, रोडवेज विभाग को पर्याप्त बसों की व्यवस्था करने तथा परिवहन विभाग को यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन की ओर से पांडुपोल मेले में रोडवेज बसों की पार्किंग उमरी तिराहे, टहला गेट और काली घाटी गेट के आसपास करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, दोपहिया वाहनों की पार्किंग सरिस्का गेट के बाहर होगी और श्रद्धालुओं को उमरी तिराहे से मंदिर तक पैदल जाना होगा।
बाबा भर्तृहरि मेले के दौरान यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया जाएगा। अलवर से जयपुर जाने वाले वाहन कुशालगढ़ और तालवृक्ष मार्ग से होकर गुजरेंगे, जबकि जयपुर से आने वाले वाहनों के लिए अलग मार्ग निर्धारित किया गया है।
बैठक में साफ-सफाई, मोबाइल शौचालय, पेयजल, चिकित्सा सुविधाएं, खाद्य पदार्थों की जांच, एंटी पॉइजन वैक्सीन की उपलब्धता और मच्छर नियंत्रण गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा मेले के दौरान कंट्रोल रूम स्थापित करने, अग्निशमन वाहनों, जेसीबी मशीनों, क्रेन और गोताखोरों की व्यवस्था करने का भी निर्णय लिया गया।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर, पार्किंग स्थलों और अन्य प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही स्वयंसेवकों, स्काउट, एनसीसी और एनएसएस के सदस्यों की सेवाएं भी ली जाएंगी।
प्रशासन ने दोनों मेलों में डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग की अनुमति निर्धारित मानकों के अनुरूप ही दी जाएगी।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर अंबालाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. प्रियंका रघुवंशी, नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका, विभिन्न उपखंड अधिकारी, तहसीलदार तथा अन्य विभागों के अधिकारी और मेला समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
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