चिमरावली गौड़ गांव में एक दर्जन से अधिक घायल, कई गंभीर हालत में अलवर रेफर; दोनों पक्षों ने लगाए गंभीर आरोप
अलवर। जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के चिमरावली गौड़ गांव में पुरानी रंजिश को लेकर एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच मंगलवार को हिंसक संघर्ष हो गया। मामूली कहासुनी के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी, डंडों और टांचियों से हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। इनमें से करीब 10 घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय, अलवर रेफर किया गया।
एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के ट्रॉमा वार्ड पहुंचने से अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस और चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा घायलों का उपचार शुरू कराया।
पहले भी हो चुका था विवाद
घायल राज मेहरा ने बताया कि दोनों पक्ष एक ही परिवार के हैं और पहले भी उनके बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद समाज के लोगों की मौजूदगी में समझौता हो गया था। हालांकि समझौते के बाद से दोनों परिवारों के बीच बातचीत बंद थी।
राज मेहरा के अनुसार, दूसरे पक्ष के प्रेमचंद ने रास्ते में गाली-गलौज की और बाद में अपने परिवार के लोगों को यह कह दिया कि दूसरे पक्ष ने उसके साथ अभद्रता की है। इसके बाद, उनके आरोप के अनुसार, दूसरे पक्ष के लोग लाठी-डंडे और टांचियां लेकर उनके घर पहुंचे और हमला कर दिया।
दूसरे पक्ष ने भी लगाए आरोप
वहीं दूसरे पक्ष के अजीत ने आरोप लगाया कि करीब एक वर्ष पहले उनकी भाभी के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। उनका कहना है कि पुलिस ने उस मामले में अंतिम रिपोर्ट (एफआर) लगा दी थी और बाद में समाज के लोगों ने समझौता करा दिया था। अजीत का आरोप है कि उसी घटना के बाद से दूसरा पक्ष रंजिश रखे हुए था।
उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर जब वह अपने घर पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई। उनके अनुसार पहले उनके भाई प्रेमचंद के साथ मारपीट हुई और बाद में अन्य पर भी हमला किया गया।
दोनों पक्षों के कई लोग घायल
संघर्ष में एक पक्ष से राज मेहरा, राजवती, बृजमोहन, शिवलाल और अजय घायल हुए, जबकि दूसरे पक्ष से प्रेमचंद, बने सिंह, प्यारेलाल, अजीत, योगेश, मीना और रीना सहित कई लोग घायल हुए। सभी को पहले लक्ष्मणगढ़ अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर घायलों को अलवर रेफर किया गया।
100 नंबर पर कॉल नहीं उठने का आरोप
घायल राज मेहरा ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान उन्होंने पुलिस के 100 नंबर पर कॉल किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस संबंध में पुलिस की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
फिलहाल लक्ष्मणगढ़ थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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