More
    Homeराजस्थानभीलवाड़ापेड़ों की कटाई पर सजा का प्रस्ताव सराहनीय, जाजू बोले- पर्यावरण बचाने...

    पेड़ों की कटाई पर सजा का प्रस्ताव सराहनीय, जाजू बोले- पर्यावरण बचाने की दिशा में बड़ा कदम

    राजस्थान में वन क्षेत्र महज 9 प्रतिशत, संरक्षित पेड़ों की अवैध कटाई पर सख्ती जरूरी

    भीलवाडा। राजस्थान विधानसभा में 4 फीट 6 इंच से अधिक ऊंचाई वाले पेड़ों की कटाई पर सजा और जुर्माने के प्रावधान किए जाने के प्रस्ताव का पर्यावरणविद् बाबूलाल जाजू ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पेड़ों की तेजी से हो रही कटाई को देखते हुए यह प्रस्ताव पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका शीघ्र पारित होना पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से बेहद जरूरी है।

    जाजू ने कहा कि प्रस्ताव में राज्य वृक्ष खेजड़ी, रोहिड़ा, नीम, पीपल, बरगद, अर्जुन, इमली और शीशम सहित 29 प्रजातियों के पेड़ों को संरक्षित श्रेणी में शामिल किया जाना सराहनीय है। बिना सक्षम अनुमति इन पेड़ों की कटाई करने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना और एक वर्ष तक की सजा का प्रावधान अवैध कटाई पर प्रभावी अंकुश लगाने में सहायक होगा।

    उन्होंने कहा कि पेड़ केवल हरियाली का आधार नहीं हैं, बल्कि जल, मिट्टी, जैव विविधता और मानव जीवन के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पेड़ों की लगातार कटाई से पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में पेड़ों के संरक्षण के लिए मजबूत कानूनी प्रावधान समय की आवश्यकता है।

    राजस्थान में वन क्षेत्र बढ़ाने की जरूरत

    पर्यावरणविद् बाबूलाल जाजू ने कहा कि राष्ट्रीय वन नीति के अनुसार देश में 33 प्रतिशत वन क्षेत्र का लक्ष्य रखा गया है, जबकि राजस्थान में वन क्षेत्र करीब 9 प्रतिशत ही है। ऐसे में प्रदेश में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए पेड़ों का संरक्षण बेहद आवश्यक है।

    उन्होंने कहा कि यदि संरक्षित प्रजातियों की अवैध कटाई पर सख्त कार्रवाई होती है तो इससे पेड़ों की कटाई पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। साथ ही नए पौधे लगाने के साथ पुराने और विकसित पेड़ों को बचाना भी सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

    जाजू ने सरकार और विधानसभा से अपील की कि पेड़ों की कटाई से संबंधित प्रस्ताव को जल्द पारित कर प्रभावी कानून का रूप दिया जाए। इसके साथ ही कानून की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और कार्रवाई की ठोस व्यवस्था भी बनाई जाए।

    उन्होंने कहा कि राजस्थान की प्राकृतिक और हरित विरासत को सुरक्षित रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। पेड़ों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य के लिए आवश्यक है।

    मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
    https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1

    अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

    https://missionsach.com/category/india

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here