सरकार के अभियान पर सवाल, जूली ने कहा—प्रदेश में जर्जर स्कूल, बदहाल स्वास्थ्य और महिला असुरक्षा के बीच उत्सव नहीं आत्मचिंतन जरूरी
जयपुर। राजस्थान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा सरकार की ओर से आयोजित किए जाने वाले आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कुशासन, बदहाल व्यवस्थाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़ी गंभीर चुनौतियों के बीच सरकार बुनियादी जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए राजनीतिक आयोजनों का सहारा ले रही है।
जूली ने कहा कि जब प्रदेश में जर्जर स्कूल, चरमराता स्वास्थ्य तंत्र, अपहरण की घटनाएं और बेटियों के साथ दुष्कर्म जैसी घटनाओं को लेकर चिंता बनी हुई है, ऐसे समय में सरकार को उत्सव के बजाय अपनी नाकामियों पर आत्मचिंतन करना चाहिए।
आशीर्वाद के दीये पर जूली का तंज
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, जब प्रदेश में जर्जर स्कूल, चरमराता स्वास्थ्य तंत्र, सरेआम अपहरण और बेटियों से दुष्कर्म का अंधेरा फैला हो, तब सरकार को अपनी नाकामी पर ग्लानि और पश्चाताप का दीया जलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता के सामने यह जवाब देना चाहिए कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
जर्जर स्कूलों और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
जूली ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों की इमारतें जर्जर हालत में हैं और विद्यार्थियों को असुरक्षित माहौल में पढ़ना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय सरकार को वास्तविक समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। जूली के अनुसार अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आम नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना किसी भी सरकार की जवाबदेही का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर घेरा
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटी बच्चियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए।
जूली ने जयपुर के सेंट्रल पार्क से एक नागरिक के कथित अपहरण का उल्लेख करते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी में प्रमुख और सुरक्षित माने जाने वाले स्थान से इस तरह की घटना सामने आना पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
नीट पेपर लीक को लेकर भी सरकार पर निशाना
जूली ने नीट पेपर लीक जैसी कथित धांधलियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं का सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने से मेहनत करने वाले विद्यार्थियों में निराशा पैदा होती है। सरकार को युवाओं के भविष्य से जुड़े ऐसे मामलों में कठोर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
दीया जलाना है तो अंधेरे के खिलाफ जलाएं
जूली ने कहा कि राजस्थान का युवा, किसान, महिला और आम नागरिक विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है, जबकि सरकार उत्सव मनाने में व्यस्त दिखाई दे रही है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि सरकार को दीया जलाना ही है तो उसे प्रदेश में फैली अराजकता, महिला असुरक्षा, परीक्षा संबंधी अनियमितताओं और प्रशासनिक नाकामी के खिलाफ जलाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल कागजी अभियानों और राजनीतिक आयोजनों से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। सरकार को जमीनी स्तर पर काम करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर ठोस कदम उठाने होंगे।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश की जनता सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर समझ रही है। उन्होंने भाजपा सरकार से आत्मचिंतन करने और जनहित से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर प्राथमिकता से काम करने की मांग की।
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