समीक्षा बैठक में कुलगुरु प्रो. वीरेंद्र सिंह जैतावत ने प्रशिक्षण, तकनीक और रचनात्मक गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर दिया बल
जोधपुर। कृषि विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र में आने वाले कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) की जुलाई माह की मासिक समीक्षा बैठक शनिवार को वर्चुअल माध्यम से आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) वीरेंद्र सिंह जैतावत ने की। बैठक में जून माह के कार्यों की समीक्षा के साथ जुलाई माह की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. एस.आर. कुमावत, एचआरडी निदेशक डॉ. महेंद्र कुमार तथा एसोसिएट निदेशक (प्रसार शिक्षा) डॉ. एम.एस. चंदावत भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कृषि विश्वविद्यालय से जुड़े आठ कृषि विज्ञान केंद्रों के वरिष्ठ वैज्ञानिकों एवं केंद्र प्रभारियों ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपनी गतिविधियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी।
नवाचार और तकनीकी गतिविधियों पर दिया विशेष जोर
कुलगुरु प्रो. जैतावत ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों तक नई तकनीक, नवाचार और रचनात्मक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से पहुंचाएं। उन्होंने किसानों के लिए अधिक से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने, आय बढ़ाने वाली उन्नत बीज किस्मों के चयन और प्रक्षेत्र दिवसों में किसानों की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि कृषि विज्ञान केंद्रों से लाभान्वित किसानों की सफलता की कहानियों को विभिन्न माध्यमों से व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाए, ताकि अन्य किसान भी नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित हों।
खरीफ फसल, प्रशिक्षण और आय संवर्धन पर हुई चर्चा
बैठक में केंद्र सरकार के ‘खेत बचाओ अभियान‘ के तहत आयोजित होने वाली गतिविधियों, प्रथम पंक्ति प्रदर्शन, बीज वितरण, खरीफ फसलों की बुवाई, संसाधन जुटाने, कृषि विज्ञान केंद्रों की आय बढ़ाने, किसानों की सफलता की कहानियां तैयार करने, तारबंदी, पॉन्ड निर्माण, खरपतवार प्रबंधन, प्रशिक्षण के प्रभाव का आकलन, ‘वन केवीके-वन प्रोडक्ट‘ की बिक्री, जागरूकता कार्यक्रम और पौधारोपण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
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