49,883 करोड़ के प्रस्तावों की अनुशंसा, 13 हजार से अधिक रोजगार सृजन संभव, कस्टमाइज्ड पैकेज के निवेश प्रस्तावों को मिली हरी झंडी
मिशनसच न्यूज, जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में स्टेट एम्पावर्ड कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य की निवेश प्रोत्साहन नीतियों के तहत कस्टमाइज्ड पैकेज के लिए करीब 49,883.85 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की अनुशंसा की गई। इन प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से 13 हजार से अधिक लोगों के लिए नए रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। अब इन प्रस्तावों को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाले निवेश बोर्ड में प्रस्तुत किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बनाई जा रही निवेश-अनुकूल नीतियों और योजनाओं के कारण राजस्थान में निवेश का सकारात्मक माहौल बना है। उद्योग एवं व्यापार स्थापना की प्रक्रिया को पहले की तुलना में सरल किया गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य सरकार के प्रयासों से देश-विदेश के निवेशक राजस्थान में निवेश के लिए आकर्षित हो रहे हैं, जिससे युवाओं के लिए निजी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
पिछले एक वर्ष में राज्य सरकार ने इन्वेस्टमेंट इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए 20 से अधिक नई प्रगतिशील नीतियां लागू की हैं। सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन एमओयू सुविधा, राजनिवेश पोर्टल के माध्यम से समयबद्ध अप्रूवल, GIS आधारित औद्योगिक भूमि डेटाबेस तथा ई-ऑक्शन पोर्टल जैसी पहलों से प्रशासनिक प्रक्रिया में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसके चलते राजस्थान निवेशकों के लिए देश के सबसे अनुकूल राज्यों में से एक बनकर उभरा है।
राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम (RIPS) के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 1500 करोड़ रुपये के इंसेंटिव दिए जा चुके हैं, जो यह दर्शाता है कि सरकार निवेशकों को समय पर लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है। इन सुधारों के चलते अब तक 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू को धरातल पर उतारने में सफलता मिली है।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल ने बताया कि जिंदल रिन्यूएबल पावर, स्टार सीमेंट, डालमिया भारत ग्रीन विजन, जेएसडब्ल्यू सीमेंट, हिंदुस्तान जिंक, चंबल फर्टिलाइजर, संगम इंडिया लिमिटेड, फॉर्च्यून फाउंडेशन, गोयल फैशंस और होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया लिमिटेड सहित कई प्रमुख कंपनियों ने कस्टमाइज्ड पैकेज के लिए आवेदन किया है। बैठक में इन प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें निवेश बोर्ड को भेजने की अनुशंसा की गई।
बैठक में जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार, वन एवं पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता, ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अजिताभ शर्मा, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव वैभव गालरिया, खान एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख सचिव टी. रविकांत, नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. देबाशीष पृष्टी, उद्योग आयुक्त सुरेश कुमार ओला एवं निवेश संवर्धन ब्यूरो के अतिरिक्त आयुक्त जुगल किशोर मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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