खैरथल कॉलेज में विद्यार्थियों ने रखे प्रभावशाली वक्तव्य
मिशनसच न्यूज, खैरथल। राजकीय महाविद्यालय खैरथल में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय युवा दिवस साप्ताहिक कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं में स्वामी विवेकानंद के विचारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनके जीवन दर्शन से प्रेरणा लेना रहा।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने ‘युवाओं के लिए स्वामी विवेकानंद जी के विचार’ विषय पर अपने ओजस्वी और प्रेरणादायक विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों में गजब का उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला। सभी प्रतिभागियों ने स्वामी विवेकानंद के राष्ट्रभक्ति, आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण, सेवा भावना और आत्मनिर्भरता जैसे विचारों को अपने वक्तव्यों में प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम अधिकारी साक्षी जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, वक्तृत्व कौशल और आत्मविकास को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं और ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को जीवन में सकारात्मक दिशा मिलती है।
प्रतिभागियों ने रखा विवेकानंद जी के विचारों का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण
भाषण प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने विवेकानंद जी के प्रसिद्ध कथनों और उनके जीवन दर्शन को आधुनिक परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत किया। वक्ताओं ने बताया कि स्वामी विवेकानंद ने हमेशा युवाओं को आत्मविश्वासी, कर्मठ और राष्ट्रसेवा के लिए तत्पर रहने का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने कहा कि यदि युवा विवेकानंद जी के बताए मार्ग पर चलें, तो भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ सकता है।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने समाज सेवा, शिक्षा, नैतिक मूल्यों और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों को भी अपने भाषणों में प्रमुखता से रखा। श्रोताओं और निर्णायकों ने सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की।
विजेताओं की घोषणा, विद्यार्थियों में खुशी की लहर
कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच निर्णायक मंडल द्वारा परिणाम घोषित किए गए।
प्रथम स्थान – राजदीप कौर
द्वितीय स्थान – कुशाल जाटव
तृतीय स्थान – नेहा
विजेताओं को उनके उत्कृष्ट वक्तृत्व और विषय की गहन समझ के लिए सराहा गया। परिणाम घोषणा के बाद विद्यार्थियों में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। प्रतिभागियों ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
निर्णायक मंडल ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका डॉ. राहुल वर्मा एवं राजवीर मीणा ने निभाई। उन्होंने प्रतिभागियों के भाषणों का मूल्यांकन विषयवस्तु, प्रस्तुति शैली, आत्मविश्वास और समय प्रबंधन के आधार पर किया। निर्णायकों ने विद्यार्थियों को सुझाव देते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास से वक्तृत्व कला में और अधिक निखार लाया जा सकता है।
कार्यक्रम का सफल संचालन और संकाय की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम का संचालन डॉ. दीपक कुमार द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के संकाय सदस्य डॉ. सरस्वती मीणा, साक्षी जैन तथा स्टाफ सदस्य मनोज गुप्ता, सौम्या बारेठ, विक्रम सिंह और प्रभुदयाल उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की सफलता के लिए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक महान संत ही नहीं, बल्कि भारत के नवजागरण के प्रेरणास्त्रोत थे। उन्होंने युवाओं को आत्मबल, अनुशासन और सेवा के मार्ग पर चलने की सीख दी। वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में युवाओं को विवेकानंद जी के विचारों को अपनाकर समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
युवा शक्ति को जागृत करने की सार्थक पहल
राजकीय महाविद्यालय खैरथल में आयोजित यह भाषण प्रतियोगिता न केवल एक शैक्षणिक गतिविधि रही, बल्कि युवाओं में राष्ट्रीय चेतना, आत्मविश्वास और सामाजिक उत्तरदायित्व को जागृत करने की एक सार्थक पहल सिद्ध हुई। इस आयोजन से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने और महान विचारकों से प्रेरणा लेने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर महाविद्यालय प्रशासन और NSS इकाई की सराहना की गई। आगामी दिनों में भी युवा दिवस साप्ताहिक कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न रचनात्मक एवं प्रेरणादायक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
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