कन्या कॉलेज में हुई चर्चा, युद्ध के कारण बच्चों और महिलाओं पर पड़ रहे असर पर फोकस
वजीरपुर। राजकीय कन्या महाविद्यालय में “ईरान युद्ध का बच्चों एवं महिलाओं पर प्रभाव” विषय पर एक महत्वपूर्ण परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं एवं शिक्षकों ने युद्ध के दुष्प्रभावों पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
नोडल अधिकारी एवं राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. रमेश बैरवा ने बताया कि इजराइल और अमेरिका द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए एकतरफा हमले के बाद स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध का सबसे अधिक दुष्प्रभाव बच्चों और महिलाओं पर पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि इस संघर्ष में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है। ईरान में एक प्राइमरी स्कूल पर हुए हमले में 168 लड़कियों की मौत का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे बेहद चिंताजनक बताया। दोनों पक्षों द्वारा रिहायशी इलाकों में विध्वंसक हथियारों के इस्तेमाल से हालात और भयावह हो गए हैं।
डॉ. बैरवा ने कहा कि इस युद्ध से विश्व शांति को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। साथ ही भारत सहित पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जिससे महंगाई और बेरोजगारी बढ़ने की आशंका है।
परिचर्चा के दौरान छात्राओं ने युद्ध के दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए तुरंत युद्धविराम और शांति स्थापना की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विश्व स्तर पर शांति कायम करने के प्रयासों का समर्थन किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहायक लेखाधिकारी शैलेश जैन, सोहनसिंह योगी एवं सुनील कुमार का विशेष सहयोग रहा।
इस अवसर पर रश्मि मीना, खुशबू मीना, काजल बैरवा, वैष्णवी महावर, चेल्सी मित्तल, रवीना जाटव, शिवानी चतुर्वेदी, किरण मीना, कल्पना बैरवा, मोनिका मीणा, सरोज मीना, खुशबू कुमारी बैरवा, सुमन महावर, संजना बैरवा, मनीषा बैरवा, धनेश्वरी बैरवा, मोहिनी बैरवा, लक्ष्मी मीना, सोनम मीना, प्रियंका कुमारी मीना, गौरी बाई मीना, मुनेशी मीना सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
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