ग्राउंड रिपोर्ट में विकास, स्थानीय जुड़ाव और जिला मुख्यालय का मुद्दा रहा चर्चा में
मनीष मिश्रा, खैरथल। नगर परिषद चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही वार्डों में चुनावी तस्वीर भी सामने आने लगी है। इसी क्रम में वार्ड नंबर 15 में मिशन सच न्यूज़ नेटवर्क की टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की। वार्ड के प्रमुख चौराहे पर स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर पूछा गया कि इस बार वार्ड में किस प्रत्याशी के पक्ष में माहौल दिखाई दे रहा है और मतदाताओं के लिए प्रमुख चुनावी मुद्दे क्या हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान अलग-अलग लोगों से हुई ऑन-रिकॉर्ड बातचीत में अधिकांश लोगों ने कांग्रेस प्रत्याशी कैलाशचंद जांगिड़ के पक्ष में माहौल होने की बात कही। वार्डवासियों ने उनके करीब 45 वर्षों से वार्ड में निवास करने और स्थानीय लोगों के साथ लंबे समय से जुड़े रहने को उनकी बड़ी ताकत बताया।
45 साल से वार्ड में रहने का मिल रहा फायदा
स्थानीय लोगों ने कहा कि कैलाशचंद जांगिड़ लंबे समय से वार्ड में रह रहे हैं और उनका लोगों के साथ व्यक्तिगत जुड़ाव है। वार्डवासियों के अनुसार उनका सरल और मिलनसार व्यवहार तथा लोगों के सुख-दुख में शामिल होना उन्हें अन्य प्रत्याशियों से अलग पहचान देता है। लोगों का कहना था कि यदि कैलाश जांगिड़ पार्षद बनते हैं तो वार्ड से संबंधित कार्यों के लिए आमजन को उनसे संपर्क करने में आसानी रहेगी।
जातिगत समीकरण से ज्यादा व्यक्तिगत संपर्क की चर्चा
ग्राउंड रिपोर्ट में कुछ लोगों ने वार्ड के सामाजिक समीकरणों का जिक्र करते हुए कहा कि कैलाश जांगिड़ जांगिड़ समाज से होने के बावजूद अन्य समाजों में भी उनका व्यक्तिगत संपर्क दिखाई देता है। बातचीत में कुछ लोगों ने महाजन और ब्राह्मण वर्ग के करीब 850 वोटों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इस वर्ग में भी कैलाश जांगिड़ को समर्थन मिल रहा है। हालांकि यह आंकड़ा और समर्थन संबंधी बातें स्थानीय लोगों द्वारा व्यक्त की गई राय पर आधारित हैं।
‘इस बार पार्टी नहीं, विकास का चुनाव’
मीडिया से बातचीत में वार्डवासियों ने कहा कि इस बार का चुनाव केवल राजनीतिक दलों के आधार पर नहीं बल्कि विकास के मुद्दे पर होना चाहिए। लोगों के अनुसार वार्ड की मूलभूत समस्याओं का समाधान, सुविधाओं का विस्तार और क्षेत्र का विकास उनकी प्राथमिकता है।
खैरथल के जिला मुख्यालय का मुद्दा भी बना चर्चा का केंद्र
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान बातचीत में खैरथल के जिला मुख्यालय और जिले की पहचान का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। कुछ लोगों ने कहा कि खैरथल के जिले के रूप में अस्तित्व और जिला मुख्यालय को लेकर शहरवासियों में चिंता है। लोगों का कहना था कि यह मुद्दा केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ी और शहर के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
कुछ मतदाताओं ने अपनी व्यक्तिगत राजनीतिक पसंद में बदलाव की बात भी कही। उनका कहना था कि वे पहले भाजपा के समर्थक रहे हैं, लेकिन जिला मुख्यालय और जिले की पहचान को लेकर सामने आए राजनीतिक फैसलों से वे नाराज हैं और मतदान के जरिए अपनी राय व्यक्त करना चाहते हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट का निष्कर्ष
वार्ड नंबर 15 में मौके पर की गई बातचीत में अधिकांश लोगों ने कैलाशचंद जांगिड़ के पक्ष में माहौल होने का दावा किया। स्थानीय जुड़ाव, सरल व्यवहार, विकास और खैरथल के जिला मुख्यालय की पहचान जैसे मुद्दे मतदाताओं की बातचीत में प्रमुख रहे। हालांकि यह ग्राउंड रिपोर्ट में मिले लोगों के व्यक्तिगत मत और दावे हैं, पूरे वार्ड के मतदाताओं का अंतिम रुझान मतदान के बाद ही स्पष्ट होगा।
🗣️ ग्राउंड जीरो से — वोटर की जुबानी
“कैलाश जी लंबे समय से हमारे बीच रह रहे हैं, लोगों के सुख-दुख में खड़े रहते हैं। इसलिए हमें लगता है कि वार्ड के लिए उनसे बेहतर विकल्प नहीं है।”
— वार्डवासी
“इस बार केवल पार्टी देखकर वोट नहीं होना चाहिए। जो वार्ड का विकास कराए और लोगों के बीच उपलब्ध रहे, वही पार्षद होना चाहिए।”
— स्थानीय मतदाता
“कैलाश जांगिड़ का दूसरे समाजों के लोगों से भी अच्छा संपर्क है। व्यक्तिगत व्यवहार की वजह से उन्हें समर्थन मिल रहा है।”
— वार्डवासी
“खैरथल का जिला मुख्यालय और शहर की पहचान हमारे लिए बड़ा मुद्दा है। आने वाले समय में इसका असर चुनाव में दिखाई दे सकता है।”
— स्थानीय मतदाता
“हम पहले भाजपा को वोट देते रहे हैं, लेकिन अब जिला मुख्यालय और खैरथल की पहचान को लेकर हमारी राय बदली है।”
— ग्राउंड रिपोर्ट में मतदाता का दावा
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