स्पेक्ट्रा संस्था के प्रोग्राम मैनेजर गुलाब शर्मा ने बताया कि यह अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई 2025 तक लगातार चलाया जा रहा है। इसके तहत खैरथल से रेवाड़ी तक रेल मार्ग पर बाल श्रमिकों और तस्करी के शिकार बच्चों की पहचान के लिए निगरानी और तलाशी अभियान चलाया गया।
कार्यक्रम में रेलवे स्टेशन खैरथल पर यात्रियों को बाल तस्करी की पहचान, उसके कानूनी पहलुओं और बच्चों को बचाने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही यात्रियों से अपील की गई कि वे यदि किसी संदिग्ध स्थिति को देखें, तो तुरंत चाइल्डलाइन या रेलवे सुरक्षा बल को सूचित करें।
इस अवसर पर चाइल्डलाइन समन्वयक मुकेश कुमार पोसवाल, गोविंद कुमार, स्पेक्ट्रा संस्था से रामफल, हेमलता राजोरिया, पायल कुमारी, रेलवे सुरक्षा बल के कांस्टेबल सुरेंद्र कुमार गुर्जर समेत कई प्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे। स्पेक्ट्रा संस्था ने बताया कि बाल तस्करी रोकने में सार्वजनिक भागीदारी सबसे अहम है। इसके लिए स्टेशन, ट्रेन और आस-पास के क्षेत्रों में सतर्क निगरानी आवश्यक है।
इस अभियान के तहत जागरूकता रैलियां, पंपलेट वितरण, यात्रियों से संवाद और चाइल्ड हेल्पलाइन की जानकारी प्रसारित की गई। आयोजन का उद्देश्य रेलवे मार्गों को बाल तस्करी मुक्त बनाना और हर बच्चे को सुरक्षित भविष्य देना है।
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