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    Homeराज्यराजस्थानहिंडौन में जनजागरण ज्योति कलश यात्रा ने बिखेरी आस्था की रोशनी

    हिंडौन में जनजागरण ज्योति कलश यात्रा ने बिखेरी आस्था की रोशनी

    अखिल विश्व गायत्री परिवार की ज्योति कलश यात्रा हिंडौन पहुंची, जनजागरण और राष्ट्रनिर्माण का संदेश देती यह यात्रा समाज में आस्था जगा रही है।

    करौली-हिंडौन।
    अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से संचालित जनजागरण ज्योति कलश यात्रा आज लगातार दसवें दिन फुलवाड़ा से कंचरौली खेड़ा होते हुए पटोदा गांव पहुंची। यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन न होकर समाज को जागरूक करने, मूल सांस्कृतिक मूल्यों की पुनःस्थापना करने और एक सकारात्मक परिवर्तन की पहल बन चुकी है।

    ग्राम-ग्राम में श्रद्धा और उल्लास से स्वागत हो रहा है। स्थानीय लोग पूजा-अर्चना में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। यात्रा में शामिल हर व्यक्ति का उद्देश्य केवल धार्मिक नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण, व्यक्तित्व निर्माण, और परिवार निर्माण की ओर प्रेरणा देना है।

    ग्रामीणों में दिखा गहरा जुड़ाव, घर-घर जल रहे यज्ञ और दीप

    जैसे-जैसे यह यात्रा गांवों से होकर गुजर रही है, वैसे-वैसे घर-घर यज्ञ और सद्बुद्धि दीप जलाए जा रहे हैं। यह अपने आप में एक जागृति की मिसाल बन चुकी है। करौली जिले के समन्वयक प्रकाश चंद गुप्ता ने कहा कि “यह यात्रा हमारी संस्कृति को पुनः पहचान दिलाने और नई पीढ़ी को उससे जोड़ने का काम कर रही है। जनमानस का उत्साह उम्मीद से कहीं अधिक है।”

    उद्देश्य है – आत्मविकास से राष्ट्रविकास

    शांतिकुंज प्रतिनिधि जितेंद्र सिंह जादौन ने यात्रा के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह व्यक्ति निर्माण से परिवार निर्माण और फिर राष्ट्र निर्माण की यात्रा है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति स्वयं में परिवर्तन लाता है, तभी समाज और राष्ट्र में भी परिवर्तन की संभावना बनती है।

    जादौन ने बताया कि इस अभियान का मूल उद्देश्य है –

    • आस्तिकता का संवर्धन

    • दुष्प्रवृत्तियों का उन्मूलन

    • व्यसन मुक्त समाज का निर्माण

    उन्होंने कहा कि “निज परिवर्तन ही प्रकृति का सबसे बड़ा परिवर्तन है।” इस यात्रा ने समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है।

    नारी शक्ति की भूमिका पर विशेष बल

    यात्रा के दौरान नारी शक्ति की महत्ता को भी प्रमुखता दी गई। मातृशक्ति पर बोलते हुए प्रतिनिधियों ने बताया कि समाज के उत्थान का मूल आधार नारी जागरण है। पूजन, कलश यात्रा और आयोजन में महिलाएं पूरे समर्पण और उत्साह से भाग ले रही हैं। यह दृश्य अपने आप में भारतीय संस्कृति की जीवंतता का प्रमाण है।

    250 से अधिक रथ कर रहे हैं राष्ट्र जागरण का कार्य

    गायत्री परिवार की यह यात्रा केवल हिंडौन या करौली तक सीमित नहीं है। पूरे भारत में करीब 250 रथ इस पुण्य कार्य में लगे हैं। स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी इस यात्रा को एक पथ प्रदर्शक के रूप में देख रहे हैं, जो उन्हें जीवन मूल्यों की शिक्षा दे रही है।

    कल हिंडौन शहर में होगा भव्य स्वागत, कलश पूजन में होंगे निजी संस्थान भी शामिल

    30 जुलाई को यह यात्रा हिंडौन शहर में प्रवेश करेगी। सर्व समाज की ओर से बड़ा पार्क, मोहन नगर में सुबह 9 बजे कलश पूजन का भव्य आयोजन होगा। सभी पार्षदगण अपने-अपने वार्ड का प्रतिनिधित्व करेंगे, वहीं नारी शक्ति कलश लेकर यात्रा में भाग लेंगी।

    हिंडौन के समाजसेवी मुकेश वोडाफोन ने कहा कि “यह हमारे शहर का सौभाग्य है कि इतनी ऊर्जावान और सकारात्मक यात्रा यहां पहुंची है।” उन्होंने बताया कि शहर के अनेक निजी स्कूल और संस्थान भी पूजन और यात्रा में भाग लेंगे।

    गायत्री दूतों की मौजूदगी ने बढ़ाया प्रभाव

    इस यात्रा के दौरान गायत्री दूत – मानसिंह, बाबूलाल, शिवराम, जगदीश गौड़, गोपीचंद, सुरेश चंद, सुभाष सिंघल, मुकेश गोयल, राजकुमार गुप्ता, दिनेश राज एवं बहादुर सिंह आदि की सक्रिय उपस्थिति रही। सभी ने मिलकर जनमानस को प्रेरित किया और यात्रा की सफलता में अहम भूमिका निभाई।

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