अपना घर आश्रम में बहन से हुआ भावुक मिलन
राजेश खण्डेलवाल, भरतपुर। सोशल मीडिया के जरिए बुलंदशहर की आसमा खातून को 20 साल बाद अपना खोया हुआ भाई बबलू मिला। उनका यह भावुक मिलन भरतपुर के अपनाघर आश्रम में हुआ। बबलू जब करीब 15 साल का था, तब मानसिक अस्वस्थ होने के कारण बिना बताए घर से निकल गया। थक-हारकर परिजन मान बैठे कि बबलू अब इस दुनिया में नहीं रहा।

सोशल मीडिया के जरिए बबलू की तस्वीर उनके परिवार तक पहुंची। भांजे अनीश खान ने तस्वीर देखकर अपनी मां आसमा खातून को दिखाई तो उन्होंने अपने भाई बबलू को पहचान लिया। इसके बाद परिवार ने अपना घर आश्रम से संपर्क किया।
सेवर से किया था रेस्क्यू
बबलू को 27 फरवरी, 2025 को सेवर से रेस्क्यू कर अपना घर आश्रम लाया गया। नियमित उपचार और देखभाल के बाद स्वास्थ्य में सुधार हुआ। उन्होंने अपने घर और क्षेत्र से जुड़ी कुछ जानकारियां बताईं, लेकिन पूरा पता नहीं होने के कारण परिवार तक पहुंचना संभव नहीं हो पा रहा था।
पहले पिता और फिर मां चल बसी
बबलू की बहन व अन्य परिजन बुलंदशहर से अपना घर आश्रम भरतपुर आए। जब भाई-बहन आमने-सामने हुए तो दोनों कुछ क्षण एक-दूसरे को देखते रहे और फिर बबलू ने अपनी बहन को पहचान लिया। भावुक आसमा खातून ने बताया कि उनके पिता भी बबलू की तलाश करते रहे, लेकिन बाद में सडक़ दुर्घटना में उनका इंतकाल हो गया। कुछ समय बाद मां भी बीमारी के कारण दुनिया से चली गईं।
हमने बबलू को खो दिया था
आसमा ने कहा कि हमने बबलू को खो दिया था, लेकिन अपना घर आश्रम ने उन्हें हमारे पास वापस पहुंचा दिया। इस मौके पर बबलू के भाई रुस्तम, भांजे अनीश खान सहित अन्य परिजन मौजूद रहे। अपनाघर आश्रम में कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद परिजन बबलू को अपने साथ लेकर बुलंदशहर रवाना हो गए।
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