नशे के दुष्प्रभावों पर विशेषज्ञों ने किया जागरूक, पोस्टर-टीशर्ट विमोचन के साथ युवाओं को खेल और योग से जुड़ने का संदेश
अलवर। नशे के विरुद्ध जनजागरूकता बढ़ाने और समाज को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से बुधवार को प्रताप ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय नशा मुक्त कार्यशाला का आयोजन किया गया। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, एनसीसी एवं स्काउट के कार्मिक तथा विद्यालय और महाविद्यालयों के विद्यार्थी एवं युवा शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने नशा मुक्त भारत अभियान के पोस्टर एवं टी-शर्ट का विमोचन किया। इसके साथ ही उपस्थित लोगों को नशा मुक्त भारत की शपथ दिलाई गई। हस्ताक्षर बोर्ड पर हस्ताक्षर कर अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने भी नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया।
नशा रोकना सभी की नैतिक जिम्मेदारी
जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशे की रोकथाम केवल पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभ्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने के लिए खेल, योग, अध्ययन सहित सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया। एसपी ने कहा कि युवा स्वयं जागरूक रहें और नशे के दुष्प्रभावों के बारे में अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि नशे के अवैध कारोबार अथवा ऐसी गतिविधियों में संलग्न व्यक्तियों की जानकारी पुलिस प्रशासन तक हेल्पलाइन के माध्यम से पहुंचाएं। उन्होंने नशा मुक्ति को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे अभियानों एवं संबंधित नियम-कानूनों की भी जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने बताए नशे के नुकसान
कार्यशाला में मनोचिकित्सक डॉ. नरेन्द्र कुमार, ड्रग कंट्रोल ऑफिसर लेखराज अग्रवाल, नागेन्द्र एवं चेतन सिंह ने नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने बताया कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके पारिवारिक और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करती है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने के उपाय बताए और नशे की रोकथाम के लिए जागरूकता को महत्वपूर्ण बताया।
युवाओं से सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने की अपील
कार्यशाला में वक्ताओं ने युवाओं से कहा कि वे अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं। खेल, योग, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़कर युवा न केवल स्वयं को नशे से दूर रख सकते हैं, बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षाविद् दिनेश शर्मा ने किया। इस अवसर पर नगर विकास सचिव धाईगुडे स्नेहल नाना, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सालुखे गौरव रवीन्द्र, अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर अम्बालाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय दीपक कुमार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक लक्ष्मण सिंह, सीएमएचओ डॉ. योगेन्द्र शर्मा, पीएमओ डॉ. प्रवीण शर्मा, डॉ. दिनेश सूद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा ब्रह्मकुमारी संस्थान से अनुभा, देवेश कुमार, सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी, एनसीसी एवं स्काउट के कार्मिक तथा बड़ी संख्या में विद्यालय-महाविद्यालयों के विद्यार्थी और युवा कार्यशाला में शामिल हुए।
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