जयपुर: राजस्थान विधानसभा के भीतर प्रतिपक्ष का जोरदार विरोध-प्रदर्शन जारी है। इस बीच, राजधानी जयपुर के पास बगरू क्षेत्र में स्थित एक सरकारी प्राथमिक स्कूल के निरीक्षण के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के साथ हुई धक्का-मुक्की और तीखी झड़प की घटना ने राज्य के राजनीतिक पारे को और अधिक चढ़ा दिया है।
सदन में विपक्ष का जोरदार हंगामा, 1 बजे तक कार्यवाही स्थगित
विधानसभा की कार्यवाही पुन: आरंभ होते ही विपक्षी कांग्रेस विधायकों ने बगरू में हुई घटना और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को लेकर कड़ा विरोध जताया। विधायक वेल में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। सदन में बढ़ते हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने दोपहर 12:15 बजे ही कार्यवाही को दोपहर 1 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
CJP के संस्थापक का आरोप, पुलिस व सरकार की भूमिका पर उठाए सवाल
पूरे घटनाक्रम पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपना आक्रोश जाहिर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बगरू में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और अन्य कार्यकर्ताओं पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया है। दिपके ने सवाल किया कि राज्य पुलिस ऐसे हिंसक तत्वों पर लगाम लगाने के बजाय मूकदर्शक क्यों बनी हुई है।
सचिन पायलट का हमला: 'नाकामियां छिपाने के लिए मीडिया पर पाबंदी लगा रही सरकार'
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने बगरू की घटना और हाल ही में स्कूलों में पत्रकारों के प्रवेश को लेकर जारी निर्देशों पर सरकार को घेरा है। उन्होंने बयान जारी कर कहा:
"राज्य के युवाओं और आम नागरिकों में जर्जर स्कूली इमारतों व चरमराती व्यवस्थाओं को लेकर गहरा असंतोष है। सरकार अपनी इन कमियों को सुधारने के बजाय सच को दबाने का प्रयास कर रही है। मीडियाकर्मियों के बिना अनुमति तस्वीरों या रिपोर्टिंग पर रोक लगाना लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता का हनन है। खबरों को दबाकर समस्याओं का समाधान नहीं निकाला जा सकता।"
सरकार अपनी असफलताओं पर पर्दा डाल रही है- BAP विधायक थावरचंद
भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायक थावरचंद ने भी घटना की निंदा करते हुए सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों के पास न तो पर्याप्त कमरे हैं और न ही बच्चों के अध्ययन के लिए उचित संसाधन। सरकार पहले मीडिया से अपनी बदहाली छिपाने की कोशिश कर रही थी और अब जनप्रतिनिधियों तथा आम जनता की आवाज को दबाने में लगी है, जिससे छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।


