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    सुखबीर बादल का अमृतपाल सिंह पर तीखा हमला, बोले- ‘वारिस नहीं, वायरस है’

    मलोट।शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने मलोट की दाना मंडी में आयोजित 'पंजाब बचाओ रैली' को संबोधित करते हुए राज्य की वर्तमान सरकार और विरोधी ताकतों पर जमकर निशाना साधा। महाराष्ट्र के नांदेड़ में हाल ही में हुए हमले के बाद हुई इस रैली में उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और वारिस पंजाब दे संगठन दोनों को आड़े हाथों लिया।

    मुख्यमंत्री मान और सरकार पर तीखा हमला

    रैली को संबोधित करते हुए सुखबीर बादल ने सीएम भगवंत मान पर कड़ा प्रहार किया और आरोप लगाया कि उन्होंने हमेशा सिख मर्यादा के खिलाफ कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि इंकलाब और शहीद भगत सिंह की विचारधारा का दावा कर सत्ता में आए मुख्यमंत्री ने पिछले पांच साल केवल चुटकुले सुनाकर बर्बाद कर दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस बार पंजाब को नहीं बचाया गया, तो राज्य में गुंडागर्दी और बदहाली का दौर और अधिक बढ़ जाएगा। उन्होंने शिअद सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों को याद करते हुए एम्स, सड़क निर्माण, अमृतसर सौंदर्यीकरण और ऐतिहासिक स्मारकों के निर्माण को विकास का प्रतीक बताया।

    अमृतपाल सिंह और वारिस पंजाब दे पर निशाना

    सुखबीर बादल ने 'वारिस पंजाब दे' और सांसद अमृतपाल सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 2022 में दुबई से लौटने के बाद उन्होंने खुद को पंजाब का वारिस जताना शुरू कर दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसे लोग पंजाब के वारिस नहीं बल्कि 'वायरस' हैं जो गुरुद्वारों को ढाल बनाकर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इनका असली उद्देश्य बंदी सिंहों की रिहाई नहीं बल्कि गुरुद्वारों और उनकी गोलकों पर कब्जा जमाना है।

    शिअद सरकार बनने पर बड़े वादों का ऐलान

    रैली के दौरान सुखबीर बादल ने जनता के लिए कई लोकलुभावन घोषणाएं कीं। उन्होंने घोषणा की कि अकाली दल की सरकार आने पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की याद में 'शगुन स्कीम' की राशि को बढ़ाकर एक लाख रुपये किया जाएगा। इसके अलावा एससी, बीसी और जनरल वर्ग के गरीब युवाओं को कॉलेज तक की मुफ्त शिक्षा देने और निजी स्कूलों में गरीबों के बच्चों के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का भी वादा किया। उन्होंने राजस्थान को पानी भेजे जाने के फैसले का विरोध करने के साथ ही राज्य में मेडिकल कॉलेज, फैक्ट्रियां और ट्यूबवेल कनेक्शन की जरूरत पर भी जोर दिया।

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