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    सोडावास-शाहजहांपुर-बहरोड़ मार्ग पर बसें बंद, 25 गांवों के ग्रामीण परेशान; दो रोडवेज बसें चलाने की मांग

    यातायात व्यवस्था ठप होने से बढ़ी मुश्किलें, निजी बस संचालन बंद होने के बाद ग्रामीणों ने रोडवेज विभाग से मांगा समाधान

    सोडावास। सोडावास, शाहजहांपुर, जाट बहरोड़, भुंगड़ा अहीर और फौलादपुर से रेवाड़ी को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर बसों का संचालन प्रभावित होने से आमजन की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि व्यापारिक और औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस मार्ग पर निजी बस संचालकों द्वारा बसों का संचालन बंद किए जाने के बाद यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। वहीं रोडवेज विभाग की ओर से भी पर्याप्त बसें संचालित नहीं किए जाने से करीब 25 गांवों के ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    ग्रामीणों ने इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था बहाल करने के साथ कम से कम दो रोडवेज बसों का संचालन शुरू किए जाने की मांग उठाई है।

    दशकों से संचालित बस सेवा बंद होने से बढ़ी परेशानी

    सामाजिक कार्यकर्ता मोलावास सरपंच अजीत सिंह यादव, जालावास निवासी संदीप यादव, सनौली निवासी बीएल मेहता, डीलर दिलीप सिंह यादव, युवा नेता रविंद्र यादव, मुंडावर कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष कीमत राय शर्मा, करणीकोट निवासी भीमराज यादव, अवधेश भारद्वाज, ओम प्रकाश यादव और मुकेश शर्मा पंच सहित ग्रामीणों ने बताया कि बहरोड़ से रेवाड़ी तथा जाट बहरोड़ और शाहजहांपुर होते हुए रेवाड़ी जाने वाले मार्ग पर लंबे समय से निजी बसों का संचालन होता रहा है।

    ग्रामीणों के अनुसार इस मार्ग पर पूर्व में करीब प्रति घंटे के अंतराल में बसें उपलब्ध रहती थीं। बाद में निजी बसों में क्षमता से अधिक सवारियां ले जाने की शिकायतों के बीच रोडवेज विभाग की ओर से भी सरकारी बसों का संचालन शुरू कराया गया था।

    औद्योगिक विकास के बीच यातायात व्यवस्था पर सवाल

    ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले वर्षों में औद्योगिक गतिविधियों का तेजी से विस्तार हुआ है। नीमराणा, बहरोड़ और घिलौठ सहित आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां विकसित हुई हैं। इन इकाइयों में आसपास के करीब पांच दर्जन गांवों से लोग रोजगार के लिए पहुंचते हैं।

    ऐसे में नियमित और सुगम सार्वजनिक परिवहन की जरूरत और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में विकास और औद्योगिक विस्तार के बावजूद यातायात व्यवस्था का कमजोर होना चिंता का विषय है।

    सड़क बनने के बाद भी बस सेवा बहाल नहीं

    ग्रामीणों के अनुसार निजी बस संचालकों ने सड़क की खराब स्थिति को वजह बताते हुए बसों का संचालन रोक दिया था। अब मार्ग पर सड़क निर्माण और दोहरीकरण का काम पूरा होने के बावजूद निजी बसों का नियमित संचालन शुरू नहीं हो सका है।

    वहीं रोडवेज विभाग की ओर से भी पर्याप्त वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराए जाने से ग्रामीणों की परेशानी बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति सुधरने के बाद भी यातायात सेवा बहाल नहीं होना समझ से परे है।

    एक रोडवेज बस पर निर्भर कई गांव

    ग्रामीणों के अनुसार वर्तमान में शाहजहांपुर से सुबह चलकर अलवर पहुंचने वाली एक रोडवेज बस शाम को अलवर से वापस शाहजहांपुर आती है। यह बस करणीकोट, सोडावास और पदमाड़ा होते हुए संचालित होती है और इसमें क्षमता से अधिक यात्री सफर करते हैं।

    ग्रामीणों का कहना है कि यह बस सेवा भी कई बार बंद और चालू होती रही है। पूर्व में इसे निगम की ओर से घाटे का हवाला देकर बंद किए जाने की बात भी सामने आई थी। ऐसे में ग्रामीणों के लिए नियमित आवागमन की समस्या लगातार बनी हुई है।

    दो रोडवेज बसें चलाने की उठी मांग

    ग्रामीणों ने प्रशासन और रोडवेज विभाग से मांग की है कि सोडावास-शाहजहांपुर-जाट बहरोड़-बहरोड़-रेवाड़ी मार्ग पर नियमित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही कम से कम दो रोडवेज बसों का संचालन कराया जाए, ताकि क्षेत्र के ग्रामीणों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले लोगों को आवागमन की सुविधा मिल सके।

    ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि संबंधित विभाग इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द यातायात व्यवस्था बहाल करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।

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