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    खाट पर सो रहे पिता-पुत्र को एक ही सांप ने डसा, मित्तल अस्पताल में समय पर उपचार से बची जान

    लक्ष्मणगढ़ के खोर्रा का वास में देर रात हुआ हादसा, गंभीर हालत में पहुंचे पिता को वेंटिलेटर सपोर्ट; उपचार के बाद दोनों स्वस्थ होकर लौटे घर

    अलवर। लक्ष्मणगढ़ तहसील क्षेत्र के गांव खोर्रा का वास, नेहड़ा में आधी रात सो रहे पिता-पुत्र को एक ही विषैले सांप द्वारा डसने का गंभीर मामला सामने आया है। घटना के बाद दोनों की हालत बिगड़ गई। परिजन पहले उन्हें गांव विलेटा लेकर गए, जहां से झाड़-फूंक करने वाले ने तत्काल अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद दोनों को अलवर स्थित मित्तल अस्पताल लाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया और दोनों को गहन चिकित्सा निगरानी में रखा। उपचार के बाद पिता-पुत्र दोनों स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।

    अलग-अलग खाट पर सो रहे थे पिता-पुत्र

    जानकारी के अनुसार हनीफ खां (56) और उनके पुत्र ईदू खां (20) 29 अगस्त की रात करीब 1 बजे घर पर अलग-अलग खाटों पर एक-दूसरे के पास सो रहे थे। हनीफ खां के पास उनका छोटा पुत्र आसिफ भी सोया हुआ था। इसी दौरान एक विषैले सांप ने पहले हनीफ खां के कान में डस लिया। उसी सांप ने उनके पुत्र ईदू खां की हाथ की बीच वाली उंगली में भी काट लिया।

    हनीफ खां को सांप के काटने का तत्काल अहसास हुआ। उन्होंने सांप को हाथ से पकड़कर दूर फेंक दिया और उसे मारने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वह वहां से निकल गया। कुछ देर बाद ईदू खां को भी अपनी उंगली में सांप के काटने का पता चला।

    हालत बिगड़ी तो रात में अस्पताल की ओर दौड़े परिजन

    सांप के काटने के बाद हनीफ खां की हालत घर पर ही बिगड़ने लगी। परिजन दोनों को रात करीब 1:30 बजे गांव विलेटा की ओर ले गए। हनीफ खां की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मोटरसाइकिल पर बीच में बैठाया गया, जबकि ईदू खां उनके साथ रहे।

    विलेटा पहुंचने पर परिजन दोनों को झाड़-फूंक करने वाले के पास ले गए। वहां उन्हें देसी जड़ी-बूटी से तैयार दवा दी गई, लेकिन दोनों को तत्काल किसी अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। इसके बाद परिजन दोनों को लेकर मित्तल अस्पताल, अलवर पहुंचे।

    सुबह 5:55 बजे अस्पताल पहुंचे दोनों मरीज

    दोनों मरीज 29 अगस्त को सुबह करीब 5:55 बजे मित्तल अस्पताल पहुंचे। अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने पेट में दर्द और सांप द्वारा काटे जाने की जानकारी दी। चिकित्सकों ने दोनों की स्थिति को गंभीर देखते हुए तत्काल उपचार शुरू किया।

    अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार दोनों मरीजों का उपचार एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन से शुरू किया गया। उपचार के दौरान दोनों को मिलाकर कुल 30 एएसवी इंजेक्शन दिए गए। दोनों को गहन चिकित्सा और लगातार निगरानी के लिए आईसीयू में भर्ती किया गया।

    पिता की हालत बिगड़ी, वेंटिलेटर सपोर्ट पर लिया

    उपचार के दौरान हनीफ खां की हालत अधिक गंभीर हो गई। उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी और वे बेहोशी की स्थिति में जाने लगे। गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर लिया और गहन उपचार शुरू किया।

    वहीं ईदू खां की हालत में लगातार सुधार होता गया। वे पूरी तरह होश में आ गए और सामान्य रूप से भोजन करने लगे। सफल उपचार के बाद उन्हें 31 अगस्त को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

    इसके बाद हनीफ खां की हालत में भी लगातार सुधार हुआ। आवश्यक उपचार और चिकित्सकीय निगरानी के बाद उन्हें 2 सितंबर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

    पहले भी परिवार में हो चुकी है सांप के काटने की घटना

    परिजनों के अनुसार इस परिवार में सांप के काटने की घटना पहले भी हो चुकी है। करीब 10 वर्ष पहले हनीफ खां की पत्नी धौली को भी सांप ने डस लिया था।

    इस बार एक ही सांप द्वारा पिता-पुत्र को डसे जाने के बाद समय पर अस्पताल पहुंचने और चिकित्सकीय उपचार मिलने से दोनों की जान बचाई जा सकी। उपचार के बाद दोनों स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। परिजनों ने चिकित्सक डॉ. एस.सी. मित्तल और अस्पताल के चिकित्सा दल का आभार जताया।

    सावधानी: सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय व्यक्ति को यथाशीघ्र नजदीकी सक्षम अस्पताल पहुंचाना जरूरी है।

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