More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशइंदौर की हवा हुई बेहतर, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में दूसरा नंबर; इन...

    इंदौर की हवा हुई बेहतर, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में दूसरा नंबर; इन 5 कदमों ने बदली तस्वीर

    इंदौर। स्वच्छता के क्षेत्र में देश भर में परचम लहराने के बाद इंदौर ने अब वायु गुणवत्ता सुधारने के मामले में भी अपनी खास पहचान दर्ज कराई है। 'स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026' के आधिकारिक परिणामों में इंदौर को देश के शीर्ष तीन शहरों में दूसरा स्थान हासिल हुआ है। नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन के गंगा ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष समारोह में इंदौर को 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सराहना पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा प्रदान किया गया, जिसे प्राप्त करने के लिए इंदौर के महापौर और नगर निगम आयुक्त विशेष रूप से मौजूद रहे।

    वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए अपनाई गई बहुस्तरीय रणनीति

    इंदौर नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने हवा में मौजूद हानिकारक सूक्ष्म कणों (PM2.5 और PM10) के स्तर को नियंत्रित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से व्यापक कदम उठाए:

    • सड़कों की धूल पर नियंत्रण: आधुनिक सीएनजी और मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों से नियमित सफाई के साथ-साथ सड़कों के किनारों का पक्कीकरण (पेविंग) किया गया और पानी का नियमित छिड़काव सुनिश्चित किया गया।

    • हरियाली व ग्रीन बेल्ट का विस्तार: शहर के प्रमुख चौराहों, डिवाइडरों और औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास व्यापक पौधरोपण कर विशेष ग्रीन बेल्ट तैयार किए गए, जिससे वायु में ऑक्सीजन का दायरा बढ़ सके।

    • निर्माण मलबे का सख्त प्रबंधन: निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के लिए 'एंटी-डस्ट' नियमों का कड़ाई से पालन कराया गया और तोड़फोड़ से निकलने वाले कचरे (C&D वेस्ट) को ढंककर प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुँचाया गया।

    • अपशिष्ट प्रसंस्करण और स्वच्छ ईंधन: गीले कचरे से बायो-सीएनजी का उत्पादन कर स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा दिया गया, वहीं निर्माण मलबे को रीसायकल करके पेवर ब्लॉक और ईंटों के निर्माण में उपयोग किया जा रहा है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here