पुलिस थाना परिसर में 45 लाभार्थियों को मिली कानूनी जानकारी, निःशुल्क वकील से लेकर जमानत और अपील की प्रक्रिया समझाई
खेरली मंडी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अलवर एवं तालुका विधिक सेवा समिति, खेरली मंडी के संयुक्त तत्वावधान में नालसा की स्पृहा योजना 2025 के तहत पुलिस थाना खेरली में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में जेल बंदियों और जरूरतमंद लोगों से जुड़े कानूनी अधिकारों तथा उपलब्ध विधिक सहायता के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खेरली थाना अधिकारी विजय चंदेल मौजूद रहे। शिविर के दौरान पीएलवी दीपक कुमार मीना ने करीब 45 लाभार्थियों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों और न्यायिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
बंदियों के अधिकारों की दी जानकारी
पीएलवी दीपक कुमार मीना ने बताया कि जेल में निरुद्ध व्यक्तियों को भी कानून के तहत कई अधिकार प्राप्त हैं। शिविर में बंदियों के अधिकार, निःशुल्क विधिक सहायता तथा न्यायालय में अपनी बात रखने के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी दी गई।
लाभार्थियों को धारा 12 के तहत निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में बताया गया। इसके साथ ही जमानत की प्रक्रिया, पैरोल, अपील तथा दया याचिका से संबंधित आवश्यक जानकारी भी साझा की गई।
जरूरतमंदों को विधिक सहायता लेने का संदेश
शिविर में बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर अथवा पात्र व्यक्ति कानूनी सहायता से वंचित न रहें, इसके लिए विधिक सेवा संस्थाओं के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। लोगों से अपने अधिकारों को समझने और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विधिक सेवा संस्था से सहायता लेने का आह्वान किया गया।
महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान आमजन के लिए उपयोगी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। उपस्थित लोगों को 15100, 1098 और 100 नंबरों के बारे में बताया गया तथा जरूरत के समय इनका उपयोग करने के लिए जागरूक किया गया।
विधिक जागरूकता शिविर का उद्देश्य आमजन, जरूरतमंदों और बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देकर न्याय तक उनकी पहुंच आसान बनाना रहा।
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