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    पंचायत चुनाव में समर्थित प्रत्याशी उतारेंगे नरेश मीणा, 2028 विधानसभा चुनाव को बताया टेस्ट

    बूंदी। राजस्थान के बूंदी जिले के हिंडोली विधानसभा क्षेत्र के रोशनदा गांव में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में युवा नेता नरेश मीणा ने समर्थकों के बीच पहुंचकर हुंकार भरी। जेल से बाहर आने के बाद हिंडोली क्षेत्र में अपने पहले बड़े सार्वजनिक संबोधन के दौरान उन्होंने आगामी पंचायत राज चुनावों को लेकर अपनी रणनीतिक घोषणाएं कीं। कार्यक्रम स्थल पर भारी संख्या में पहुंचे समर्थकों और युवाओं ने नरेश मीणा का कंधों पर उठाकर और जोरदार नारेबाजी के साथ स्वागत किया। उन्होंने मंच से उपस्थित जनसमूह से सीधे संवाद करते हुए स्थानीय राजनीति में बदलाव लाने और जनता के समर्थन से चुनावी मैदान में उतरने का बड़ा संदेश दिया

    पंचायत राज चुनाव और 2028 का 'टेस्ट पेपर'

    नरेश मीणा ने नगर निकाय चुनावों में मिले जनसमर्थन का उल्लेख करते हुए ऐलान किया कि उनकी नजर अब आगामी पंचायत राज चुनावों पर है। उन्होंने कहा कि बारां और बूंदी जिलों में सीमित संसाधनों के बावजूद जनता की मांग पर उम्मीदवार उतारे जाएंगे। उन्होंने मंच से मौजूद महिलाओं और पुरुषों से हाथ उठवाकर समर्थन मांगा, जिस पर लोगों ने सहमति जताई। नरेश मीणा ने पंचायत चुनाव की तुलना 2028 के विधानसभा चुनाव से करते हुए कहा कि जैसे मुख्य परीक्षा से पहले विद्यार्थी टेस्ट पेपर देते हैं, ठीक वैसे ही यह पंचायत चुनाव 2028 के बड़े राजनीतिक संग्राम की तैयारियों का एक महत्वपूर्ण परीक्षण साबित होगा।

    पारंपरिक राजनीतिक दलों पर साधा निशाना

    अपने संबोधन में उन्होंने बिना किसी का नाम लिए क्षेत्र के स्थापित नेताओं और प्रमुख राजनीतिक दलों पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के प्रति जनता में भारी असंतोष व्याप्त है और हाड़ौती की जनता एकजुट होकर एक बड़ा राजनीतिक विकल्प तैयार कर सकती है। नरेश मीणा ने स्पष्ट किया कि यद्यपि उनके पास विशाल वित्तीय संसाधन या सांगठनिक ताकत नहीं है, लेकिन आम जनता का भरोसा और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है, जिसके बल पर वे बड़े राजनीतिक चेहरों को चुनौती देने का साहस रखते हैं।

    जेल के संघर्ष और बुलंद हौसले का जिक्र

    जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने जेल के दिनों के अनुभवों को साझा किया और कहा कि आम लोगों की आवाज उठाने की कीमत उन्हें कारावास काटकर चुकानी पड़ रही है। उन्होंने मंच से कहा कि सत्ता में बैठे लोग सोचते थे कि लंबे समय तक जेल में रहने से उनका मनोबल टूट जाएगा या वे झुक जाएंगे, परंतु ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जनता के हक की लड़ाई लड़ने के कारण चाहे उन्हें कितनी भी बार जेल जाना पड़े, वे जनहित के मुद्दों से कभी पीछे नहीं हटेंगे और उनका यह संघर्ष आगे भी लगातार जारी रहेगा।

    बूंदी और बारां में संगठन विस्तार का संकेत

    कार्यक्रम के अंत में उन्होंने दोनों जिलों में जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और संभावित प्रत्याशियों को जोड़ने के संकेत दिए। हिंडोली क्षेत्र में नरेश मीणा की इस बड़ी जनसभा और युवाओं के उत्साह को भविष्य के राजनीतिक समीकरणों के दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि केवल उन क्षेत्रों में ही प्रत्याशी उतारे जाएंगे जहां जनता पूर्ण समर्थन का भरोसा देगी। इस आयोजन के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वे हाड़ौती अंचल में अपनी राजनीतिक जड़ों को मजबूत करने और समर्थकों को निकाय व पंचायत स्तर पर स्थापित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

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