दुबई। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान (FZ1073) के कॉकपिट के भीतर एक गंभीर सुरक्षा चूक का मामला सामने आया है। उड़ान के दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर सह-पायलट द्वारा कथित रूप से हमला किए जाने की घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। इस दौरान विमान कुछ समय के लिए तेजी से नीचे उतरा और बाद में उसे सऊदी अरब के तबुक में आपात स्थिति में उतारना पड़ा। विमान में कुल 174 यात्री सवार थे।
सह-पायलट की पहचान और सुरक्षा नियमों पर सवाल
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि ओमान के नागरिक बताए जा रहे सह-पायलट को तेल अवीव जाने वाली इस संवेदनशील उड़ान के चालक दल में कैसे शामिल किया गया। हालांकि इजराइली अधिकारियों ने सह-पायलट की राष्ट्रीयता ओमानी बताई है, लेकिन ओमान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) या फ्लाईदुबई की ओर से आधिकारिक तौर पर इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
इस घटना के बाद इजराइल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है कि क्या उन देशों के नागरिकों को क्रू मेंबर के रूप में शामिल करने को लेकर पर्याप्त निगरानी या प्रतिबंध बरते जाते हैं जिनके इजराइल के साथ कूटनीतिक संबंध नहीं हैं।
यूएई के अटॉर्नी जनरल द्वारा उच्च स्तरीय जांच के आदेश
संयुक्त अरब अमीरात के अटॉर्नी जनरल ने इस पूरे मामले की विस्तृत और गहन जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच एजेंसियां मुख्य रूप से यह पता लगाने में जुटी हैं कि:
इस घटना के पीछे कोई आतंकी साजिश, पूर्व नियोजित योजना या किसी बाहरी निर्देश का हाथ तो नहीं था।
पायलटों की पृष्ठभूमि की जांच (बैकग्राउंड चेक) और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन में किस स्तर पर चूक हुई है।
अधिकारियों ने मीडिया और आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अपुष्ट सूचनाओं और अटकलों से दूर रहें।
भारतीय कैप्टन की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
हमले के दौरान घायल हुए भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने अत्यधिक कठिन परिस्थितियों में भी गजब की सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने कथित तौर पर कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद विमान में सवार यात्रियों और अन्य चालक दल के सदस्यों ने मिलकर हमलावर को काबू में किया। इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से तबुक हवाई अड्डे पर उतार लिया गया।
भारतीय अधिकारियों के अनुसार, घायल कैप्टन स्मित मच्छार का इलाज अबू धाबी में चल रहा है और उनकी सेहत में अब सुधार हो रहा है। मामले की जांच अभी जारी है और सुरक्षा में हुई चूक को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।


