नई दिल्ली: आगामी 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की तरफ से प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले दिल्ली में रेलवे के एक बड़े फैसले को लेकर भारी राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों के आसपास भयंकर ट्रैफिक जाम की आशंका को देखते हुए कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशनों से ही रद्द किए जाने की खबरें सामने आ रही हैं। रेलवे के इस फैसले पर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने एक वीडियो जारी कर केंद्र सरकार पर कड़ा निशाना साधा है। वहीं दूसरी ओर, पूर्व राज्यसभा सांसद संजय निरुपम ने उनके इस बयान पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
अभिजीत दिपके का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अभिजीत दिपके का एक वीडियो इन दिनों काफी चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें वह रेलवे और मेट्रो सेवाओं के संचालन को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर तंज कसते हुए नजर आ रहे हैं। इस वायरल वीडियो में अभिजीत दिपके के साथ सौरव दास और आशुतोष रांका की आपसी बातचीत भी दिखाई दे रही है। इसमें वह विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बंद किए जाने के दावों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। वीडियो में अभिजीत दिपके देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर व्यंग्य करते हुए यह कहते हैं कि सरकार इस समय जिस तरह का भय का माहौल बना रही है, वह काफी अच्छा है। इसके बाद वह लगातार स्वास्थ्य का हाल-चाल पूछने और रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) की जांच कराने जैसी टिप्पणियों के माध्यम से अपना तंज जारी रखते हैं।
रेलवे और मेट्रो सेवाएं बंद किए जाने पर उठाए तीखे सवाल
सामने आए इस वीडियो में अभिजीत दिपके रेलवे और परिवहन सेवाएं अचानक बंद किए जाने को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं। उनका कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के दौरान आम जनता की सुगम आवाजाही रोकने के लिए रेलवे और मेट्रो जैसी जरूरी सेवाओं को बाधित करने का आखिर क्या औचित्य है? इसी क्रम में उन्होंने दिल्ली में मेट्रो सेवाओं को रोके जाने और शहर में एक प्रकार से 'दिल्ली बंद' जैसे हालात पैदा किए जाने का भी जिक्र किया है।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आपातकाल का किया गया जिक्र
वीडियो के एक हिस्से में आशुतोष रांका देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान लगाए गए आपातकाल का विशेष उल्लेख करते हुए यह कहते हैं कि उस ऐतिहासिक दौर में भी कभी रेलवे सेवाओं को पूरी तरह बंद नहीं किया गया था। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने मौजूदा प्रशासनिक हालात की तुलना सीधे तौर पर आपातकाल के दौर से करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। इसके साथ ही उन्होंने विरोध प्रदर्शन में आम नागरिकों के बड़ी संख्या में शामिल होने को लेकर भी अपनी बात रखी है। वीडियो में उनके बात करने का अंदाज पूरी तरह से व्यंग्यात्मक है और वह सरकार के हर एक कदम पर लगातार सवालिया निशान लगा रहे हैं।
आगामी विरोध प्रदर्शन को लेकर क्या बोले नेता?
वीडियो के बिल्कुल अंत में अभिजीत दिपके यह कहते हुए नजर आते हैं कि वह अगले दिन फिर से आएंगे। उनकी यह टिप्पणी आने वाले प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में खुद के और पार्टी कार्यकर्ताओं के सक्रिय रूप से शामिल होने के संदर्भ में है। इस पूरे वीडियो में वह सरकार के अड़ियल रवैये और प्रदर्शनकारियों के आने-जाने पर लगाई जा रही पाबंदियों को लेकर अपनी गहरी नाराजगी खुलकर जाहिर कर रहे हैं।


