नांदेड़। महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां मात्र दस हजार रुपये के कर्ज के विवाद के चलते एक किसान का शव निजी फाइनेंस कंपनी के कार्यालय के अंदर फंदे से लटका हुआ पाया गया। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि कर्ज की वसूली के लिए किसान को जबरन बंधक बनाकर गंभीर रूप से प्रताड़ित किया गया था, जिससे उसकी मौत हो गई। परिवार का यह भी दावा है कि हत्या की इस घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे पर लटकाया गया। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर फाइनेंस कंपनी के मालिक समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।
दस हजार रुपये के कर्ज से जुड़ा पूरा मामला
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृत किसान की पहचान चालीस वर्षीय चंद्रकांत शिंदे के रूप में हुई है, जो नांदेड़ जिले के मालकौथा गांव के रहने वाले थे और उनके पास दो एकड़ कृषि भूमि थी। परिवार के मुताबिक, किसान ने स्थानीय स्तर पर चलने वाली एक निजी वित्त कंपनी से दस हजार रुपये का कर्ज लिया था। परिजनों का आरोप है कि इसी उधारी की वसूली के लिए कंपनी के लोग उन्हें गांव से अपने कार्यालय ले गए थे, जिसके बाद उनका शव संदिग्ध हालात में कार्यालय के भीतर मिला।
परिजनों ने लगाया मारपीट और हत्या का गंभीर आरोप
मृतक की बेटी और मां ने रोते हुए आरोप लगाया कि वित्त कंपनी के कर्मचारियों ने किसान को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा था। परिजनों की आशंका है कि अत्यधिक मारपीट के कारण ही उनकी मौत हो गई और बाद में सच्चाई छुपाने के लिए शव को फंदे से लटका दिया गया। परिवार का यह भी दावा है कि मूल रूप से लिए गए दस हजार रुपये के एवज में कंपनी द्वारा सत्तर हजार रुपये की मांग की जा रही थी और लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
पुलिस कार्रवाई और उच्च अधिकारियों की अपील
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर संबंधित फाइनेंस कंपनी के मालिक और अन्य आरोपियों के खिलाफ अपहरण एवं हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की विशेष टीमें फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। साथ ही, पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार के वित्तीय दबाव या उत्पीड़न की स्थिति में कानून को हाथ में लेने के बजाय तुरंत पुलिस से संपर्क करें ताकि उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके।


