लखनऊ। राजधानी के सहादतगंज थाना अंतर्गत रियाजानी इलाके में चबूतरा निर्माण को लेकर उभरा मामूली विवाद कुछ ही देर में हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। इस दौरान हुई ताबड़तोड़ गोलाबारी में तीन लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। आनन-फानन में घायल शम्भू, शिवेंद्र और सुयश को इलाज के लिए ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान तीनों ने दम तोड़ दिया। इस वारदात से पूरे क्षेत्र में दहशत और तनाव का माहौल व्याप्त है।
सीने और सिर में मारी गोली
मिली जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने बेहद करीब से निशाना बनाकर गोलियां दागीं। फायरिंग के दौरान शम्भू के सीने में गोली लगी, जबकि शिवेंद्र और सुयश के सिर में गोली मारी गई। अत्यधिक खून बह जाने के कारण ट्रामा सेंटर में डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद तीनों को बचाया नहीं जा सका। एक साथ तीन युवकों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
आरोपी नौसेना का जवान गिरफ्तार
घटना की सूचना पाते ही पुलिस बल के साथ वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है और उसके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद कर ली है। बताया जा रहा है कि आरोपी भारतीय नौसेना में कार्यरत है। पुलिस अब दोनों पक्षों के बीच के पुराने विवादों की भी पड़ताल कर रही है।
वाहन पार्किंग से बढ़ा विवाद
मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी पश्चिम ने बताया कि दोनों पक्षों में गाड़ी खड़ी करने को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी, जिसने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया। इसी दौरान आरोपी ऋषभ ने अपनी पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग कर दी। आरोपी को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है और हथियार जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस जघन्य हत्याकांड के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली और मुस्तैदी को लेकर तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं। एक छोटे से विवाद के अचानक इतने बड़े खूनी संघर्ष में बदल जाने से कानून-व्यवस्था पर असर पड़ा है। अब यह देखना होगा कि पुलिस जांच को कितनी तेजी से आगे बढ़ाती है और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।


