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    भोपाल हत्याकांड में आरोपी वरुण को लेकर चौंकाने वाला खुलासा, गर्लफ्रेंड से विवाद की बात आई सामने

    भोपाल। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की सनसनीखेज हत्या के मामले में मुख्य संदिग्‍ध और घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहे केयरटेकर वरुण कुमार को लेकर पुलिस जांच में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस पड़ताल में यह बात स्पष्ट हुई है कि आरोपी वरुण का स्वभाव अत्यधिक आक्रामक और हिंसक रहा है तथा वह पूर्व में भी कई गंभीर मारपीट की वारदातों को अंजाम दे चुका है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यद्यपि उसकी पुरानी आपराधिक गतिविधियां इस हत्याकांड से सीधे तौर पर नहीं जुड़ी हैं, परंतु इनसे उसकी आपराधिक मानसिकता और उग्र प्रवृत्ति का स्पष्ट प्रमाण मिलता है।

    परिजनों पर हमला और नाबालिग से मारपीट में दर्ज हो चुका है मामला

    जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली है कि आरोपी वरुण कुमार का अपने निकटतम परिजनों और परिचितों के साथ भी बेहद खराब व्यवहार था। उसने पंजाब निवासी अपनी नाबालिग प्रेमिका के साथ गंभीर मारपीट की थी, जिस संदर्भ में उसके विरुद्ध पुलिस प्रकरण दर्ज किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त अपने पिता द्वारा दूसरा विवाह किए जाने से क्रोधित होकर उसने अपने सगे पिता पर भी जानलेवा हमला कर दिया था। परिजनों और करीबी लोगों से की गई पूछताछ में उसकी इन आपराधिक हरकतों का ब्योरा पुलिस के हाथ लगा है, जो उसके हिंसक इतिहास को उजागर करता है।

    चार प्रमुख शहरों में केयरटेकर का काम कर चुका है आरोपी

    प्राप्त इनपुट के अनुसार, आरोपी वरुण विगत छह वर्षों से अपने परिवार से पूरी तरह अलग रह रहा था। इस दौरान उसने अपनी पहचान छुपाते हुए ग्वालियर, आगरा, दिल्ली और भोपाल जैसे प्रमुख शहरों में विभिन्न स्थानों पर केयरटेकर के रूप में सेवाएं दीं। भोपाल स्थित अरेरा कॉलोनी क्षेत्र में वह सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल के निवास पर बतौर केयरटेकर तैनात था। बीते 30 सितंबर को पूर्व आईएएस अधिकारी की उनके ही निवास पर निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद से आरोपी मौका-ए-वारदात से फरार चल रहा है।

    एसआईटी का गठन और बरामद मोबाइल फोन से सुराग खंगालने की कवायद

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने चार दिवस पूर्व एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, जो संपूर्ण प्रकरण की नए सिरे से गहनता से पड़ताल कर रहा है। इस हत्याकांड में पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य मृतक राकेश अग्रवाल का मोबाइल फोन सिद्ध हो सकता है, जिसे हत्या के उपरांत आरोपी अपने साथ ले गया था। क्राइम ब्रांच ने इस फोन को बरामद कर लिया है और जांच में यह तथ्य उजागर हुआ है कि वारदात के बाद दो दिनों तक आरोपी ने इस मोबाइल का निरंतर उपयोग किया था। एसआईटी अब इस डिवाइस की सर्च हिस्ट्री, कॉल डिटेल्स, मैसेजिंग ऐप्स और डिजिटल बैंकिंग ट्रांजैक्शन की तकनीकी जांच कर रही है, ताकि आरोपी के भागने के ठिकाने और उसकी योजना का सटीक पता लगाया जा सके।

    आगरा-वृंदावन रोड पर मिली थी अंतिम लोकेशन, रिश्तेदारों से पूछताछ जारी

    तकनीकी सर्विलांस के आधार पर पुलिस को आरोपी वरुण की अंतिम लोकेशन आगरा-वृंदावन मार्ग पर प्राप्त हुई थी, जिसके बाद से उसने अपना सुराग मिटा दिया। पुलिस टीम द्वारा पंजाब स्थित उसकी बहन, आगरा में रहने वाले उसके मित्रों और ग्वालियर निवासी पिता से विस्तृत पूछताछ की जा चुकी है। विशेष जांच दल अब विभिन्न मार्गों के सीसीटीवी फुटेज और उसके पुराने परिचितों के संपर्कों को खंगालकर आरोपी की संभावित धरपकड़ के लिए निरंतर छापेमारी कर रहा है।

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