केकड़ी। केकड़ी जिले के समीपवर्ती जहाजपुर क्षेत्र के हनुमान नगर थाना अंतर्गत आने वाले लुहारी खुर्द गांव में सोमवार की सुबह एक अजीबोगरीब और सनसनीखेज वाकया सामने आया। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा आपातकालीन सेवा को गांव में खूनी संघर्ष और कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की झूठी सूचना दिए जाने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पंडेर, जहाजपुर, सावर, नासिरदा और देवली समेत विभिन्न क्षेत्रों से करीब आधा दर्जन 108 एंबुलेंस सा सायरन बजाती हुई आनन-फानन में मौके पर पहुंच गईं। इसके साथ ही हनुमान नगर थाने की पुलिस वाहन भी तुरंत घटनास्थल पर जा पहुंची, परंतु जब मौके का मुआयना किया गया तो वहां किसी भी प्रकार का विवाद या घायल व्यक्ति नहीं मिला, जिससे यह पूरी सूचना महज एक अफवाह साबित हुई।
अलग-अलग फोन कॉल कर गढ़ी गई थी झूठी और भयावह कहानी
प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, सावर 108 एम्बुलेंस के कर्मचारियों ने जानकारी दी कि लुहारी खुर्द निवासी सोजीराम मीणा नामक व्यक्ति ने सोमवार सुबह विभिन्न नंबरों से एंबुलेंस कंट्रोल रूम पर लगातार फोन कर यह सनसनीखेज दावा किया था कि उसके घर और गांव में भीषण झगड़ा हो गया है। फोन करने वाले ने अत्यंत घबराए हुए स्वर में बताया कि संघर्ष के दौरान महिला और बच्चों सहित दस से पंद्रह लोग गंभीर रूप से घायल होकर अचेत पड़े हैं तथा एक-दो लोगों की तो मौके पर ही मौत हो चुकी है। इस भयावह और अतिसंवेदनशील सूचना के आधार पर कंट्रोल रूम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आसपास के सभी केंद्रों से एंबुलेंसों को युद्धस्तर पर घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया था।
अचानक पहुंचे एंबुलेंसों के काफिले को देख हैरान रह गए ग्रामीण
एक साथ आधा दर्जन एंबुलेंस और पुलिस की गाड़ियां जब सायरन बजाते हुए गांव के भीतर दाखिल हुईं, तो पूरे क्षेत्र में खलबली मच गई। अपनी आंखों के सामने इस तरह का आपातकालीन काफिला देखकर बड़ी संख्या में ग्रामीण सहम गए और घटनास्थल के आसपास भारी भीड़ जमा हो गई। जब ग्रामीणों ने हिम्मत जुटाकर संबंधित व्यक्ति सोजीराम के घर का दरवाजा खटखटाया और अंदर जाकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया, तो वहां दूर-दूर तक किसी भी संघर्ष या अप्रिय घटना के कोई निशान नहीं मिले। देवली एंबुलेंस के ईएमटी विजय कुमार मीणा और पायलट जब्बार भी मौके पर पहुंचे थे, जिन्होंने पाया कि शुरुआती पड़ताल में यह बात सामने आई कि सोजीराम के पैर में पिछली रात मामूली मोच या चोट आई थी, तथा उसकी मानसिक स्थिति ठीक न होने और नशे में होने की चर्चाएं भी सामने आईं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।
आपातकालीन सेवाओं के तीन घंटे हुए प्रभावित, ग्रामीणों की मदद से अस्पताल में भर्ती
इस पूरी झूठी कवायद के चलते विभिन्न चिकित्सा केंद्रों से रवाना की गई एंबुलेंस सेवाओं का लगभग तीन घंटे का बहुमूल्य समय व्यर्थ हो गया। जब स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई और यह प्रमाणित हो गया कि यह मात्र एक फर्जी सूचना थी, तब एंबुलेंस कर्मियों ने उच्चाधिकारियों को वास्तविक हालात से अवगत कराया और अपने गंतव्य की ओर लौट गए। इस पूरी घटना के दौरान आपातकालीन संसाधनों के इस तरह दुरुपयोग किए जाने से स्थानीय स्तर पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बाद में ग्रामीणों के समझाने और अनुरोध पर उसी व्यक्ति को उपचार के लिए देवली के राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि इस संबंध में फिलहाल किसी पक्ष की ओर से कोई औपचारिक कानूनी कार्रवाई दर्ज नहीं कराई गई है।


