नशे की रोकथाम, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास सहित कस्बे की समस्याओं के समाधान पर होगा फोकस
विराटनगर। कस्बे में व्याप्त कुरीतियों के उन्मूलन, स्थानीय समस्याओं के समाधान और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से युवा सशक्तिकरण की नई पहल शुरू की गई है। क्षेत्र के प्रख्यात समाजसेवी संगठन मुक्तिधारा संस्थान के पापड़ा परिसर में आयोजित बैठक में युवाओं ने YUVA नामक गैर-राजनीतिक वालंटियर समूह के माध्यम से कस्बे के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
बैठक में विराटनगर के सजग युवाओं ने कस्बे की प्रमुख समस्याओं को चिह्नित करते हुए उनके समाधान के लिए नवाचार आधारित और मनोरंजक गतिविधियां आयोजित करने पर विचार-विमर्श किया। उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को इस पहल से जोड़कर सामाजिक बदलाव और विकास के कार्यों को गति देना है।
नशे की रोकथाम और रोजगार सृजन पर जोर
बैठक में युवाओं ने नशे के बढ़ते कारोबार पर प्रभावी रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया। इसके साथ ही डिजिटल पाठ्यक्रमों, व्यावसायिक शिक्षा और आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित करने का सुझाव दिया गया।
वन्यजीवों और गोवंश के संरक्षण के लिए रेस्क्यू सेंटर तथा उपचार सुविधाएं विकसित करने, गोवंश आधारित दुग्ध उत्पादन के अलावा अन्य उपयोगी उत्पादों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई।
पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को मिलेगी पहचान
विराटनगर के प्रमुख पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए भव्य आयोजनों तथा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का सहयोग लेने का प्रस्ताव रखा गया। कस्बे के प्रत्येक वार्ड में खेलकूद और रुचि आधारित प्रतियोगिताएं आयोजित करने तथा स्कूली बच्चों को स्थानीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने पर भी विचार किया गया। इसके अलावा प्रिंट मीडिया, टेलीविजन और सोशल मीडिया पर विराटनगर की प्रभावी मौजूदगी सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई।
दीपावली के बाद बनेगी कार्यकारिणी
बैठक में शिक्षा जगत से नवीन मीणा, गणेश योगी और सुरेंद्र जांगिड; व्यापारी वर्ग से रोमेश मिश्रा, बाबूलाल सैनी और राजेश सैनी तथा समाजसेवा के क्षेत्र से विजय कुमार, मोती स्वामी, अनन्त कात्यायनी, हिमांशु आत्रेय, विवेक यादव और घनश्याम सैनी उपस्थित रहे। मुक्तिधारा परिसर के व्यवस्थापक अनुपम ने आगंतुकों को परिसर का भ्रमण भी कराया।
बैठक में तय किया गया कि दीपावली के बाद आयोजित होने वाली अगली बैठक में सक्रिय सदस्यों के सहयोग से संगठन की कार्यकारिणी गठित की जाएगी। साथ ही प्राथमिकता के आधार पर चुनी गई गतिविधियों को अमल में लाने के लिए अलग-अलग टीमें बनाकर जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। पहल का मुख्य उद्देश्य विराटनगर के सांस्कृतिक गौरव को पुनर्स्थापित करना और इसे सशक्त, समृद्ध तथा जागरूक कस्बा बनाने में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
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