आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर अर्णव दत्ता ने समझाई शोध विषय चयन और आलेख लेखन की प्रक्रिया, पात्रता से आवेदन तक बताए प्रशिक्षण के अवसर
अलवर। गौरी देवी राज महिला महाविद्यालय में बुधवार को शोध एवं विकास केंद्र के तत्वावधान में “विभिन्न आईआईटी और एनआईटी में विद्यार्थियों के लिए प्रमुख इंटर्नशिप अवसर” विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), बॉम्बे के रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर अर्णव दत्ता ने छात्राओं को शोध के विभिन्न पहलुओं, शोध विषय के चयन और प्रतिष्ठित संस्थानों में उपलब्ध इंटर्नशिप के अवसरों की जानकारी दी।
शोध विषय और शोध अंतराल को समझने पर जोर
व्याख्यान के दौरान प्रोफेसर अर्णव दत्ता ने छात्राओं को बताया कि शोध की शुरुआत सही समस्या और विषय के चयन से होती है। शोध विषय निर्धारित करते समय उससे जुड़े शोध अंतराल को समझना आवश्यक है। उन्होंने शोध आलेख लिखने की प्रक्रिया और उसके विभिन्न चरणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने सरल उदाहरणों के माध्यम से छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया और शोध से जुड़ी अवधारणाओं को सहज ढंग से समझाया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्राओं को शोध के प्रति प्रोत्साहित करना और उन्हें उच्च शिक्षण संस्थानों में उपलब्ध अवसरों से परिचित कराना है।
आईआईटी और एनआईटी में इंटर्नशिप के अवसरों की जानकारी
प्रोफेसर दत्ता ने विभिन्न भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में उपलब्ध इंटर्नशिप कार्यक्रमों के बारे में बताया। उन्होंने इन कार्यक्रमों के लिए आवश्यक पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और संभावित अवसरों की जानकारी साझा की।
उन्होंने छात्राओं को शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने, उपलब्ध अवसरों की जानकारी जुटाने और निर्धारित पात्रता के अनुसार आवेदन करने के लिए प्रेरित किया। व्याख्यान से छात्राओं को उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध एवं प्रशिक्षण की संभावनाओं को समझने का अवसर मिला।
प्राचार्य ने छात्राओं को किया प्रेरित
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) सत्यभान यादव ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा आयोजित व्याख्यानों में छात्राओं को सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। इस प्रकार के कार्यक्रम उनके शैक्षणिक विकास और भविष्य के करियर के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं।
उन्होंने छात्राओं को शोध के प्रति रुचि विकसित करने और उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
संकाय सदस्यों के सहयोग से हुआ आयोजन
कार्यक्रम का संचालन डॉ. विनीता गोयल ने किया। शोध एवं विकास समिति की सदस्य प्रो. रेखा जोरवाल, डॉ. विजयलक्ष्मी, डॉ. पुष्पा इंदौरिया और डॉ. श्रुति सिंह ने आयोजन में सहयोग दिया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रो. रीना यादव, प्रो. मधु शर्मा, डॉ. पूजा कुमावत और डॉ. मेनू सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
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