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    बालमुकुंदाचार्य बोले- नसीरुद्दीन शाह जैसे कलाकारों का होना चाहिए बहिष्कार

    जयपुर। राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी शिखर अग्रवाल को एपीओ (आदेशों की प्रतीक्षा में) किए जाने के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक बालमुकुंदाचार्य ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भजनलाल सरकार 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है और किसी भी अधिकारी के खिलाफ अनियमितता या शिकायत सामने आने पर नियमानुसार जांच व सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाती है। उन्होंने कहा कि गलत कार्य करने वाले को उसके परिणाम भुगतने ही होंगे। पिछले ढाई वर्षों में सरकार ने शिकायतों के आधार पर अधिकारियों पर निलंबन, एपीओ और अन्य जरूरी कदम उठाए हैं।पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा जयपुर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और विधायक के घर हुई चोरी पर जताई गई चिंता के सवाल पर बालमुकुंदाचार्य ने कहा कि वे इस घटना से अवगत नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों में राजस्थान सरकार ने अपराधियों, चोरों और माफियाओं पर पूरी तरह से लगाम कसी है और कांग्रेस शासनकाल की तुलना में राज्य की कानून व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है।

    अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के बयान पर साधा निशाना

    फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के 'दिमागी नक्सल' से जुड़े हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा विधायक ने देश की जनता से ऐसे कलाकारों का बहिष्कार करने की अपील की। भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश विरोधी ताकतों के साथ खड़े होने वाले और बयानों के जरिए अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश करने वाले लोगों को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

    गांधी परिवार और कांग्रेस पर बोला हमला

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार के खिलाफ की गई कथित टिप्पणियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए बालमुकुंदाचार्य ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी और रॉबर्ट वाड्रा का नाम लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने गुजरात मॉडल और विकास के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी को अपना प्रधानमंत्री चुना है। कांग्रेस को अनर्गल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़कर अपनी लगातार हो रही हार पर आत्ममंथन करना चाहिए।

    संवैधानिक संस्थाओं और सनातन विरोधी रुख पर सलाह

    चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि ये संस्थाएं सभी दलों के लिए निष्पक्ष चुनाव कराती हैं और कांग्रेस भी इन्हीं के तहत कई राज्यों में जीती है। इसके साथ ही उन्होंने राम मंदिर, राम सेतु और सनातन परंपराओं के विरोध का आरोप लगाते हुए कांग्रेस को अपनी नकारात्मक राजनीति में बदलाव लाने और देश के विकास से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।

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