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    259 बसों के पहिए थमने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं, हिसार में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल जारी

    हिसार। हरियाणा रोडवेज के हिसार डिपो के अंतर्गत कार्यरत परिवहन कर्मचारियों ने अपने लंबे समय से लंबित पड़े वित्तीय भत्तों एवं अधिकारों का भुगतान न किए जाने के विरोध में तीखा रुख अपनाते हुए बसों का चक्का जाम कर दिया है। शुक्रवार की मध्यरात्रि के पश्चात करीब साढ़े तीन बजे से ही डिपो की समस्त बसों का संचालन पूर्णतः ठप कर दिया गया है। आगामी 31 अक्टूबर को पूरे डिपो स्तर पर पूर्ण हड़ताल का ऐलान किया गया है, जिसके तहत डिपो के बेड़े में शामिल कुल 259 बसों का संचालन पूरी तरह बंद रखा जाएगा। इन प्रभावित बसों में हिसार डिपो की 181 और हांसी डिपो की 78 बसें सम्मिलित हैं, जिससे आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

    प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लंबी वार्ता विफल और भारी पुलिस बल तैनात

    हड़ताल के मद्देनजर गतिरोध समाप्त करने के उद्देश्य से शुक्रवार की रात पौने दस बजे तक रोडवेज कर्मचारी नेताओं की एसडीएम ज्योति मित्तल तथा रोडवेज महाप्रबंधक राहुल मित्तल के साथ कई दौर की उच्चस्तरीय प्रशासनिक बैठकें आयोजित हुईं, परंतु किसी भीि बिंदु पर ठोस सहमति न बन पाने के कारण वार्ता विफल हो गई। अधिकारियों के डिपो परिसर से बाहर निकलते ही आक्रोशित कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुख्य बस अड्डा परिसर के चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि सांझा संघर्ष समिति के नेतृत्व में कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में रोडवेज परिसर में पिछले 38 दिनों से लगातार धरना दे रहे हैं।

    मांगों की अनदेखी पर रोष और बैठकों का बहिष्कार

    इससे पूर्व गुरुवार को भी डिपो महाप्रबंधक द्वारा सांझा मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ बैठक बुलाई गई थी, परंतु कर्मचारियों की समस्याओं का कोई संतोषजनक समाधान न निकलने के कारण पदाधिकारियों ने मात्र आधे घंटे के भीतर ही बैठक का बहिष्कार कर दिया था और बीच में ही चर्चा छोड़कर बाहर आ गए थे। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि उन्हें अपने वैध वित्तीय अधिकारों और भत्तों के लिए बार-बार सड़कों पर उतरकर संघर्ष करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। यह आंदोलन कर्मचारियों के आत्मसम्मान और न्याय की सीधी लड़ाई है, और यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सभी मांगों का व्यावहारिक समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक उनका यह संघर्ष और अधिक तीव्र किया जाएगा।

    आगामी आंदोलन की चेतावनी और प्रमुख नेताओं की उपस्थिति

    यूनियन के प्रमुख पदाधिकारी संदीप जैनावास ने दोटूक शब्दों में कहा कि 31 अक्टूबर को हिसार डिपो की इस पूर्ण हड़ताल के पश्चात राज्य कमेटी के आह्वान पर आगामी 5 और 6 नवंबर को भी व्यापक स्तर पर हड़ताल की जाएगी। इस पूरे आंदोलन और धरने के दौरान बजरंग लाखा, जितेंद्र शर्मा, अरुण शर्मा, अनूप श्योकंद, पवन कन्नोह, जोगेंद्र पंघाल और नरेंद्र खरड़ सहित कई प्रमुख कर्मचारी नेता और डिपो के सैकड़ों रोडवेज कर्मी उपस्थित रहे।

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