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    बेटे को वश में करने का झांसा देकर ठगे 1 करोड़, तांत्रिक भाई-बहन का खेल उजागर

    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से अंधविश्वास और ठगी का एक अत्यंत सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है, जहाँ तांत्रिक भाई-बहन ने तंत्र-मंत्र और गृहशांति के नाम पर एक असहाय महिला से लगभग एक करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम ठग ली। मूल रूप से भिंड जिले की रहने वाली पीड़ित महिला के परिवार को अपनी जालसाजी में फंसाने वाले इस गिरोह के चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

    पुत्र को वापस पाने की चाहत में तांत्रिकों के जाल में फंसी महिला

    घटना के विवरण के अनुसार, भोपाल के साकेत नगर की निवासी राजेश्वरी शर्मा की मुलाकात पड़ोस में रहने वाली गौरी सिंह के माध्यम से आशा यादव नामक महिला से हुई थी। आरोपी आशा ने यह झूठा दावा किया था कि उसका भाई मुकेश यादव तंत्र-मंत्र और विशेष पूजा-पाठ के माध्यम से घर-परिवार की समस्याओं का समाधान करता है। चूंकि राजेश्वरी का बेटा विवेक काफी लंबे समय से अपने परिवार से अलग रह रहा था, इसलिए मां होने के नाते वह चाहती थी कि उसका पुत्र किसी तरह वापस घर लौट आए। इसी पारिवारिक लाचारी और बेटे को पुनः एकीकृ्त करने की भावना का लाभ उठाते हुए आरोपियों ने महिला को अपने झांसे में ले लिया और तांत्रिक क्रियाओं के जरिए बेटे को वापस घर बुलाने का झांसा देकर अपने घर बुलाना शुरू कर दिया।

    नकद राशि, ऑनलाइन भुगतान और भारी मात्रा में जेवरों की ठगी

    तांत्रिक भाई-बहन ने एक सोची-समझी साजिश के तहत राजेश्वरी शर्मा को तरह-तरह के डरावने प्रलोभन और गृहशांति का झूठा लालच दिया। आरोपियों ने उनसे नकद बारह लाख से अधिक रुपये और ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से भी हजारों रुपये ऐंठ लिए। इसके अतिरिक्त लगभग सवा छह सौ ग्राम सोना और आधा किलो चांदी के आभूषण भी धोखाधड़ी करके अपने कब्जे में ले लिए। इस प्रकार कुल मिलाकर करीब एक करोड़ रुपये की बड़ी संपत्ति की ठगी को अंजाम दिया गया।

    ज्वेलर के एक फोन कॉल से हुआ सनसनीखेज खुलासे का मार्ग

    इस संपूर्ण धोखाधड़ी का भंडाफोड़ 29 सितंबर 2026 को तब हुआ जब बिट्टन मार्केट स्थित एक आभूषण विक्रेता (ज्वेलर) ने पीड़ित महिला के पति पुरुषोत्तम शर्मा को दूरभाष पर संपर्क किया। ज्वेलर ने बताया कि आरोपी आशा यादव ने उसकी दुकान से सत्रह लाख रुपये मूल्य का सोना खरीदा था, जिसके एवज में आंशिक भुगतान के बाद शेष राशि का चेक अभी तक नहीं दिया गया है। जब पति ने अपनी पत्नी राजेश्वरी से इस विषय में कड़ाई से पूछताछ की, तो अंधविश्वास के आड़ में चल रहे इस बड़े फर्जीवाड़े की परतें खुल गईं।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई और चार शातिर आरोपी गिरफ्तार

    अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (क्राइम) शैलेंद्र सिंह चौहान ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मुकेश, आशा यादव, हरीश कुमार तथा उनके एक अन्य साथी श्यान को धर दबोचा है। मुख्य आरोपी आशा की निशानदेही पर पुलिस ने ग्यारह ग्राम सोना बरामद कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों द्वारा गोल्ड लोन के रूप में गिरवी रखे गए सोने को भी पुलिस ने बैंक खाते फ्रीज कराकर सुरक्षित कर लिया है।

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