नासिक। सिंहस्थ कुंभ मेले के आधिकारिक ध्वजारोहण समारोह से पूर्व नासिक में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। पवित्र गोदावरी नदी के तट पर 517 श्रद्धालुओं ने एक साथ शंखनाद कर गिनीज विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। देवमामालेदार यशवंत महाराज पटांगन में रविवार को आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
'भारत माता की जय' के उद्घोष के साथ बना रिकॉर्ड
गिनीज विश्व रिकॉर्ड के वरिष्ठ निर्णायक ऋषि नाथ ने इस ऐतिहासिक सफलता की आधिकारिक घोषणा की, जिसके बाद पूरा परिसर "भारत माता की जय" के जयकारों से गूंज उठा। इससे पूर्व यह रिकॉर्ड वर्ष 2019 में अमेरिका के न्यू जर्सी में बना था, जहां 303 लोगों ने एक साथ शंख बजाया था। नासिक में विभिन्न आयु वर्ग के 517 प्रतिभागियों ने लगातार साढ़े पांच मिनट तक शंखनाद कर इस रिकॉर्ड को ध्वस्त किया।
इस गौरवशाली कार्यक्रम का आयोजन नासिक त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला अथॉरिटी (NTKMA) और गुनगौरव ट्रस्ट की अनंतविजय शंखनाद टीम द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। आयोजकों ने जानकारी दी कि इस विशेष प्रयास के लिए प्रामाणिक शंख खास तौर पर चेन्नई से मंगाए गए थे।
सांस्कृतिक परंपरा और कुंभ का जुड़ाव
NTKMA के आयुक्त शेखर सिंह ने बताया कि इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को सिंहस्थ कुंभ मेले की शुभ शुरुआत से जोड़ना है। कुंभ मेला एवं जिला पालक मंत्री गिरीश महाजन ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि इस आयोजन ने भारत की आध्यात्मिक विरासत और जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया है। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से कुंभ मेले में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया।
सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियां
सिंहस्थ कुंभ मेले का ध्वजारोहण समारोह 31 अक्तूबर को दोपहर 12:02 बजे रामकुंड पर निर्धारित है, जिसके लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इसी समारोह के दौरान गिनीज विश्व रिकॉर्ड का आधिकारिक प्रमाण पत्र भी सौंपा जाएगा।
प्रत्येक 12 वर्ष में आयोजित होने वाला यह प्रसिद्ध नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेला 31 अक्तूबर 2026 से शुरू होकर 24 जुलाई 2028 तक चलेगा। ध्वजारोहण के पावन मुहूर्त पर भी 251 श्रद्धालुओं का एक दल विशेष शंखनाद करेगा।


