राजस्थान सरकार की अनदेखी से नाराज़ एंबुलेंस कर्मचारी, 2 जुलाई को हुई प्रदेश स्तरीय बैठक में लिया गया निर्णय
खैरथल। राजस्थान एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन ने ऐलान किया है कि वे 9 जुलाई 2025, बुधवार को जयपुर स्थित स्वास्थ्य भवन पर जोरदार धरना देंगे। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई, तो प्रदेशभर में 108 और 104 एंबुलेंस सेवाएं ठप कर दी जाएंगी।
यह निर्णय 2 जुलाई को जयपुर के सेंट्रल पार्क में आयोजित यूनियन की प्रदेश स्तरीय बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह शेखावत ने की, जिसमें राज्यभर के जिला पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से धरने का निर्णय लिया गया।
खैरथल-तिजारा के जिला अध्यक्ष अंसार खान ने बताया कि राजस्थान सरकार ने 2025-26 के बजट में यह घोषणा की थी कि सभी विभागों में कार्यरत प्लेसमेंट एजेंसी या ठेका कर्मचारियों को एक संस्था के अधीन लाया जाएगा। इसके अनुपालन में कार्मिक विभाग ने 25 अप्रैल 2025 को सभी विभागों से ऐसी कर्मचारियों की सूचना मांगी थी। अधिकांश विभागों ने जानकारी भेज दी, लेकिन चिकित्सा विभाग की 108 और 104 एंबुलेंस सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी अब तक नहीं भेजी गई है।
यूनियन द्वारा इस संबंध में मुख्यमंत्री, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा विभाग, मिशन निदेशक और परियोजना निदेशक – राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को कई बार ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस उपेक्षा से नाराज़ यूनियन ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
यूनियन ने स्पष्ट किया है कि 9 जुलाई को धरना देकर भी यदि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, तो राज्यभर में एंबुलेंस सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी जाएंगी। इससे मरीजों की आपातकालीन सेवाएं बाधित होने की आशंका जताई जा रही है।


