अलवर. अलवर की पॉक्सो न्यायालय नंबर 1 में सजा सुनाए जाने के बाद फरार हुए अपराधी को कोतवाली थाना पुलिस ने बुधवार को गिरपतार कर लिया। नाबालिग से छेड़छाड़ मामले में जज द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद अपराधी मौका पा कर फरार हो गया था। अदालत से भागे मुल्जिम को गिरपतार करने के लिए पुलिस ने कई जगह दबिश दी थी लेकिन वह हाथ नहीं आया था। अदालत ने उसे पॉक्सो एक्ट व छेड़छाड़ के मामले में तीन साल की सजा सुनाई थी।
शहर कोतवाली थाना प्रभारी नरेश शर्मा ने बताया कि फरार मुल्जिम मनीष को उसके अखैपुरा स्थित घर से गिरपतार किया है। पुलिस को सूचना मिली कि मनीष घर आया हुआ है। सूचना के बाद पुलिस ने अखैपुरा में दबिश देकर उसे गिरपतार कर लिया। इससे पहले मनीष के खिलाफ नाबालिग से छेडछाड के दर्ज मामले में तीन साल की सजा सुनाई थी। सजा सुनने के बाद मनीष भीड का फायदा उठाकर भाग गया था। अपराधी के अदालत से भागने के मामले में कोर्ट रीडर जयप्रकाश चौहान ने शहर कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया था।
कचहरी परिसर से पूर्व में भी भाग चुके हैं आरोपी
अलवर कोर्ट परिसर से पहले भी आरोपियों के भागने की घटनाएं हो चुकी हैं। अदालत में पेशी पर लाए गए आरोपी चालानी गार्डो को चकमा देकर भाग चुके हैं। हालांकि अदालत से भागे ज्यादातर आरोपियों को पुलिस बाद में गिरफ्तार कर चुकी है। इस बार भी पुलिस न्यायालय परिसर से पोक्सो एक्ट की सजा सुनने के बाद फरार हुए अपराधी को पकडने में कामयाब हुई।
पुलिसकर्मियों की संख्या कम, इसलिए भागने में हो जाते है कामयाब
जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय मिनी सचिवालय में शिफ्ट होने के बाद कचहरी परिसर में पुलिसकर्मियों की संख्या कम हो गई है। जब एसपी ऑफिस कचहरी परिसर में चलता था तो बडी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहते थे। अब अदालत में अभियुक्त को पेश करने के लिए लाने वाले पुलिसकर्मी ही आते हैै। पुलिसकर्मियों की संख्या कम होने का भी अपराधी को भागने में फायदा मिल जाता है।


