More
    Homeराज्ययूपीयूपी में औद्योगिक भूखंडों पर सख्ती: उपयोग न करने पर वापस लेगी...

    यूपी में औद्योगिक भूखंडों पर सख्ती: उपयोग न करने पर वापस लेगी सरकार, दूसरे निवेशकों को दिया जाएगा मौका

    लखनऊ: सीएम योगी आदित्यनाथ ने औद्योगिक विकास विभाग को निर्देश दिया है कि आवंटन के तीन साल बाद तक जमीन का समुचित उपयोग न करने वाली औद्योगिक इकाइयों का भू आवंटन रद्द करें। वह भूमि दूसरे निवेशक को आवंटित की जानी चाहिए। साथ ही निवेश मित्र और निवेश सारथी पोर्टलों को और अधिक सहज व सरल बनाएं। निवेशक छोटा हो या बड़ा, किसी को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। सीएम ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर औद्योगिक विकास विभाग के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र के साथ बीते साढ़े आठ वर्षों में चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) आयोजित की जा चुकी हैं। इनके जरिए 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की औद्योगिक परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। 60 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी और रोजगार की गारंटी मिली है। अब नवंबर में जीबीसी-5 के आयोजन की तैयारी की जाए। सभी विभाग समयबद्ध तरीके से प्रक्रिया पूरी करें, हर निवेश प्रस्ताव की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

    भूमि अधिग्रहण में अच्छा मुआवजा दें
    योगी ने निजी औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन के प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया सामंजस्य के साथ ही होनी चाहिए। अपनी जमीन से हर किसी का भावनात्मक संबंध होता है। यह उसके जीवन भर की पूंजी होती है। अगर अधिग्रहण आवश्यक है तो भू स्वामी को अच्छा मुआवजा मिलना चाहिए। उत्पीड़न की शिकायत नहीं आनी चाहिए। सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरण अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप भूमि अधिग्रहण के लिए वर्तमान मुआवजे की दर में बढ़ोतरी पर विचार करें। यह समय की मांग है, इसी में किसानों का हित है।

    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बनाएं फिनटेक सिटी
    सीएम योगी ने निर्यात प्रोत्साहन के प्रयासों को बढ़ाने की जरूरत बताते हुए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी में से किसी एक क्षेत्र में फिनटेक हब विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यहां बड़ी बैंकिंग संस्थाओं के कार्यालय हो। सभी जिलो में बनने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल स्पेशल एम्प्लॉयमेट जोन की प्रक्रिया तेज करें। 100 एकड़ में विकसित किया जाने वाला यह जोन उद्योग, निवेश, उद्यमिता, नवाचार, कौशल विकास और रोजगार का हब होगा। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए विनिर्माण क्षेत्र का 5 लाख करोड़ रुपये का ग्रॉस वैल्यू एडेड लक्ष्य रखा गया है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here