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    स्वामी जय मुक्त महाराज की 25वीं पुण्यतिथि पर भक्ति का सागर उमड़ा, तुलसी विवाह व भंडारे में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

    खैरथल के प्रेम प्रकाश आश्रम (डिब) में स्वामी जय मुक्त महाराज की 25वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में मनाई गई। तुलसी विवाह, भजन-सत्संग और विशाल भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।

    मिशनसच न्यूज, खैरथल, मनीष मिश्रा।
    शहर के हरसोली रोड स्थित प्रेम प्रकाश आश्रम (डिब) में रविवार को स्वामी जय मुक्त महाराज की 25वीं पुण्यतिथि (वर्सी उत्सव) बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और गुरु प्रेम के माहौल में मनाई गई। इस अवसर पर दिनभर धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला चली, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर अपने आराध्य गुरु के प्रति श्रद्धा प्रकट की।

    कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 4:45 बजे मुक्तिधाम श्मशान घाट खैरथल गांव में ज्योति प्रज्वलन और आरती के साथ हुई। इसके बाद पूरे शहर में प्रभात फेरी निकाली गई, जो खैरथल गांव, हरसौली रोड, आनंद नगर कॉलोनी, सब्जी मंडी किशनगढ़बास रोड होते हुए निकली। प्रभात फेरी का सिंधी समाज, भारतीय सिंधु सभा और अन्य सामाजिक संगठनों ने भव्य स्वागत किया।

    शहर के झूलेलाल मंदिर में प्रभात फेरी का स्वागत बाबा शीतलदास लालवानी के नेतृत्व में किया गया, जहां भारतीय सिंधु सभा राजस्थान महामंत्री गिरधारीलाल ज्ञानानी, शहर अध्यक्ष नत्थूमल रामनानी, सिंधी पंचायत उपाध्यक्ष तुलसीदास भूरानी, बुलचंद मनवानी, बाबूलाल गोरवानी, भगवानदास नाजवानी, प्रदीप गुरनानी और शीतलदास माखीजा ने श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की और प्रसाद वितरण किया।

    आश्रम परिसर में प्रातः 9 बजे से हवन, सत्संग, आरती, चालीसा पाठ और गुरु प्रार्थना का आयोजन हुआ। इस दौरान आश्रम के संत हरि प्रेमप्रकाशी ने अपने प्रवचन में कहा—  “मानव सेवा ही सच्ची भक्ति है। जो मनुष्य दूसरों के दुख हरता है, वही ईश्वर का सच्चा साधक है।”

    उनके प्रेरणादायी उपदेशों ने श्रद्धालुओं के मन को छू लिया।

    दोपहर में एकादशी का विशाल भंडारा आयोजित हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में शहर और आस-पास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

    कार्यक्रम में संत उमेश लाल प्रेम प्रकाशी जी महाराज सहित अन्य संत-महात्माओं की पावन उपस्थिति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। शाम के समय भजन, सत्संग और आरती के बीच श्रद्धा का सागर और गहराता गया।

    संध्या 6 बजे परम पूजनीय सतगुरु स्वामी भगत प्रकाश जी महाराज का ऑनलाइन सत्संग प्रसारित हुआ, जिसे श्रद्धालुओं ने भावपूर्वक सुना और गुरु वचनों को आत्मसात किया।

    दिनभर चले आयोजनों के उपरांत तुलसी विवाह एवं वर्सी समापन पल्लव के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने सभी संत-महात्माओं की प्रतिमाओं के दर्शन किए और गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।

    पूरे आयोजन में प्रेम प्रकाश सेवा मंडल और पूज्य सिंधी पंचायत के सदस्यों ने भक्ति, सेवा और अनुशासन का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए व्यवस्थाओं को बनाए रखा।

    स्वामी जय मुक्त महाराज की 25वीं पुण्यतिथि पर आयोजित इस आयोजन ने न केवल सिंधी समाज को बल्कि पूरे क्षेत्र को भक्ति और गुरु प्रेम से ओतप्रोत कर दिया।

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