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    किशनगढ़बास : सिंधी समाज ने फूंका बघेल का पुतला, विरोध रैली निकाल कर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

    बघेल के खिलाफ कार्रवाई की मांग

    मिशनसच न्यूज,  किशनगढ़बास। छत्तीसगढ़ क्रांति सेना प्रमुख अमित बघेल द्वारा सिंधी समाज के खिलाफ दिए गए विवादित बयान को लेकर रविवार को किशनगढ़बास में सिंधी समाज के लोगों ने तीखा विरोध जताया। समाज के सैकड़ों लोगों ने बघेल का पुतला फूंका और जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध रैली निकाली। रैली के बाद एसडीएम मनीष जाटव को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर बघेल के खिलाफ देशद्रोह की धाराओं में कार्रवाई की मांग की।

    विरोध प्रदर्शन की शुरुआत संत कंवर राम हरि मंदिर से हुई, जहाँ बड़ी संख्या में पुरुषों के साथ महिलाएं भी मौजूद रहीं। वहां से रैली के रूप में समाजजन एसडीएम कार्यालय पहुंचे और अमित बघेल का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।

    सिंधी समाज के अध्यक्ष गोकुलदास मृगवानी और परमानंद लखयाणी ने बताया कि अमित बघेल ने एक राजनीतिक मंच से सिंधी समाज को ‘पाकिस्तानी’ कहा था, जो अत्यंत अपमानजनक व निंदनीय है। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज ने भारत की आजादी के समय सिंध प्रांत छोड़कर देश की एकता के लिए बलिदान दिया था। “14 अगस्त 1947 को हम सिंध प्रांत से हिंदुस्तान आए थे, जब देश को जाति और धर्म के आधार पर विभाजित किया गया था। उस समय भी हम अखंड भारत के हिस्से थे और आज भी खुद को उसी भारत का नागरिक मानते हैं,” मृगवानी ने कहा।

    समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि बघेल का यह बयान देश को तोड़ने वाला है और ऐसे व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही जिस राजनीतिक मंच से उन्होंने यह बातें कहीं, उस संगठन पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।

    इस मौके पर बाबूलाल चंदनानी, परमानंद लखयाणी, दर्शन लाल बतरा, डॉ. राजेश पमनानी, प्रभुदयाल, दौलत भारती, जनेश भुटानी, पार्षद मनीष लखयाणी, सुनील बतरा, संजय बजाज, दिलीप भगत, लक्ष्मणदास मंगलानी, बसंत लखयाणी, नरेश गब्बर, मनीष गनवानी, राजेश कामदार, राजकुमार नानकानी सहित समाज की अनेक महिलाएं भी मौजूद रहीं।

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