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    धीरेंद्र शास्त्री बोले- ‘बच्चों को सनातनी बनाने के लिये कहने की जगह करने की आवश्यकता है’

    मथुरा: बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री की सनातन एकता धार्मिक पदयात्रा वृंदावन में प्रवेश कर चुकी है. आज पदयात्रा का 10वां और अंतिम दिन है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी पदयात्रा में शामिल हुए. पं. धीरेंद्र शास्त्री के साथ सड़क पर बैठकर भोजन का स्वाद लिया. वहीं, कार्यक्रम के मंच पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य सहित तमाम संत भी मौजूद हैं.

    अपने संबोधन के दौरान रामभद्राचार्य ने ऐलान किया कि दिल्ली से जम्मू-कश्मीर तक हिंदू यात्रा जल्द निकाली जाएगी. उन्होंने कहा कि जो हिंदू बनना चाहता है, हम उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेंगे. संत समाज उसका समर्थन करेगा. उन्होंने कहा कि समाज के कट्टरपंथियों को बड़ी सजा दी जाएगी. अभी ऑपरेशन सिंदूर पूरा हुआ है, एक और ऑपरेशन को अंजाम देना है.

    समान नागरिक संहिता की मांग: रामभद्राचार्य ने कहा कि सभी हिंदुओं को एक होना पड़ेगा. सरकार पर दबाव बनाना होगा, ताकि समान नागरिक संहिता लागू करनी होगी. यह नहीं होना चाहिए कि हिंदूओं के सिर्फ 1-2 बच्चे हों और दूसरे लोगों के दर्जनभर हों. इसलिए समय आ गया है, कि समान नागरिक संहिता के लिए सरकारों पर दबाव बनाना होगा.

    CM मोहन यादव ने दी शुभकामनाएं: पदयात्रा के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह बांके बिहारी का धाम है. क्या सड़क, क्या मकान सब सब महान है. उन्होंने कहा कि वह पहले भी वृंदावन आते रहे हैं. बागेश्वर महाराज की पदयात्रा को शुभकामनाएं देने के लिए पहुंचे हैं. सीएम ने कहा कि बागेश्वर धाम महाराज की यश, कीर्ति इसी तरह से बढ़ती रहे. जिस तरह से अयोध्या में भगवान श्रीराम मुस्कुरा रहे हैं, उसी तरह से बांके बिहारी भी मुस्कुराएंगे.

    वृंदावन पहुंची पदयात्रा: पं. धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा वृंदावन पहुंच चुकी है. यहां मां वैष्णो देवी मंदिर के पास चार धाम मंदिर के मैदान में मुख्य कार्यक्रम है. यहां पर तमाम साधु-संतों का संबोधन हो रहा है. सबसे अंत में धीरेंद्र शास्त्री का संबोधन है. मीडिया प्रभारी श्याम चतुर्वेदी ने बताया रविवार को बागेश्वर धाम सरकार की पदयात्रा 170 किलोमीटर की दूरी तय कर चुकी है.

    पं. धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा जैंत इलाके से सुबह 10 बजे निकली और 8 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद वृंदावन में प्रवेश कर गई. साधु-संत वृंदावन ही नहीं मथुरा, हरिद्वार, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड से आए हुए हैं. वृंदावन में यात्रा समापन के दौरान दो लाख से अधिक अनुयायी पहुंचे हैं.

    प्रशासन की व्यवस्थाएं: सनातन एकता धार्मिक पदयात्रा के समापन को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं. छठिकारा से आने वाली पदयात्रा को लेकर रूट डायवर्जन और वृंदावन में बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों को डायवर्ट किया गया है. दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए छठिकरा मार्ग से सीधे वृंदावन में प्रवेश करने की अनुमति है. वहीं, आगरा-दिल्ली राजमार्ग से पदयात्रा वृंदावन पहुंची.

    कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि मैं आप से एक प्रार्थना करूंगा हाथ जोड़कर. उन्होंने कहा सिर्फ एक मिनट के लिये याद करो कि तुम हिंदू हो. हिंदू आने वाले भविष्य में, आने वाली पीढ़ी सुरक्षित हो ऐसा इस देश का निर्माण करो, यह आप की जिम्मेदारी है. यह आपका धर्म है, दायित्व है, आप अपना धर्म निभाइये, हम अपना धर्म निभाएंगे.

    धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हम चांद पर तिरंगा देखना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि आज जितने भी सनातनी पद यात्री आए हैं, हम हाथ जोड़कर कहना चाहते हैं कि आप स्वयं सनातनी तो हो, अपने बच्चों को बनाने के लिये कहने की जगह करने की आवश्यकता है. करके दिखाने की आवश्यकता है.

     

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