More
    Homeदुनियाकॉफी में डाला जा रहा कॉकरोच पाउडर, एक कप की कीमत 560...

    कॉफी में डाला जा रहा कॉकरोच पाउडर, एक कप की कीमत 560 रुपए

    बीजिंग। अजीबोगरीब खान-पान के मामले में चीन दुनियाभर में बदनाम है। इतना ही नहीं, असामान्य भोजन और पेय पदार्थों के प्रयोग के मामले में भी चीन दुनियाभर में हमेशा सुर्खियों में रहा है। ऐसे में अगर कोई पूछे कि सांप-कुत्ते, मगरमच्छ-छिपकली किस देश के लोग खाते हैं, तो मन में चीन का नाम ही आएगा क्योंकि वहां पर ही ऐसा हो सकता है।
    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में चीन की राजधानी बीजिंग में एक ऐसा ड्रिंक वायरल हो रहा है, जिसने कॉफी प्रेमियों को हैरान कर दिया है। बीजिंग के एक म्यूजियम में एक खास तरह की कॉफी बेची जा रही है, जिसके ऊपर पिसे हुए कॉकरोच का पाउडर छिड़का जाता है। यह कॉकरोच कॉफी न सिर्फ अजीब है, बल्कि अपनी अजीबोगरीब सामग्री और स्वाद के कारण सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। बीजिंग में स्थित एक कीट संग्रहालय के कॉफी शॉप में यह ‘क्रॉली-क्रॉली’ कॉफी बेची जा रही है। इस पेय को ‘कॉकरोच कॉफी’ नाम दिया गया है, जिसकी एक कप की कीमत करीब 560 रुपए बताई जा रही है। इस कैफीन युक्त ड्रिंक में केवल पिसे हुए कॉकरोच का पाउडर ही नहीं, बल्कि सूखे पीले मीलवॉर्म्स भी डाले जाते हैं। इस कॉफी को पीने वाले ग्राहकों के मुताबिक इसका स्वाद “जला हुआ और हल्का खट्टा” होता है।
    वहीं म्युजियम के एक कर्मचारी ने बताया कि हमने ये कॉफी जून के अंत में लॉन्च की थी और हाल ही में यह इंटरनेट पर ट्रेंड करने लगी है। कर्मचारी ने बताया कि इस दुकान की नई सीरीज में घटपर्णी पौधे के पाचक रस का इस्तेमाल करके बनाए गए विशेष पेय और सीमित समय के लिए चींटियों से बना ड्रिंक भी शामिल है। चींटियों से बना पेय केवल हैलोवीन के दौरान बेचा गया था। कई लोग इस कॉफी को सेहत के लिए खराब बता रहे हैं। ऐसे में कस्टमर की आशंकाओं को दूर करते हुए संग्रहालय के कर्मचारी ने दावा किया कि कॉफी में इस्तेमाल होने वाली सारी चीजें पारंपरिक चीनी चिकित्सा की जड़ी बूटी की दुकान से खरीदी गई हैं, इसलिए ग्राहक इस खास ड्रिंक की सुरक्षा के बारे में आश्वस्त हैं।
    टीसीएम सिद्धांतों का दावा है कि कॉकरोच पाउडर का इस्तेमाल रक्त परिसंचरण में मदद करने वाली दवा के रूप में किया जा सकता है। इसके अलावा डॉक्टर मानते हैं कि प्रोटीन से भरपूर पीले मीलवॉर्म्स लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं। कर्मचारी ने बताया कि जहां चींटी वाले ड्रिंक का स्वाद खट्टा होता है, वहीं घटपर्णी पौधे के पाचक रस से बना पेय सामान्य कॉफी जैसा लगता है। कर्मचारी ने कहा कि कॉकरोच कॉफी को लेकर युवा वर्ग काफी उत्सुक है और इसे जमकर पी रहा है।
    कई इंटरनेट यूजर्स ने इस ड्रिंक के प्रति संदेह व्यक्त कर रहे हैं। एक व्यक्ति ने कमेंट किया- अगर आप मुझे पैसे भी देंगे तो भी मैं इसे पीने की हिम्मत नहीं करूंगा। बता दें कि चीन में अपरंपरागत कॉफी कोई असामान्य बात नहीं है। इसी साल की शुरुआत में, दक्षिण-पश्चिमी चीन के युन्नान प्रांत के एक कैफे ने कॉफी में डीप-फ्राइड कीड़े मिलाकर लोगों को आश्चर्यचकित किया था।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here