जयपुर। राजस्थान की खुफिया पुलिस ने जैसलमेर से पकड़े पाकिस्तानी जासूस को दोपहर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर राजस्थान इंटेलिजेंस को पाकिस्तानी जासूस का 5 दिन की रिमांड मिली है। वह सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्थान में मौजूद आईएसआई से संपर्क में था। इसके मोबाइल में आईएसआई हैंडलर्स से चैट-सबूत मिले है। पिछले डेढ़ साल से गुप्त सूचनाएं भेजने पर टास्क के अकोडिंग आरोपी को 5-10 हजार रुपए का पेमेंट किया जाता था। कोर्ट के आदेश के बाद रिमांड में इंटेलिजेंस टीम की पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की संभावना है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान के जासूसी करने के मामले में आरोपी झबराराम (28) निवासी सांकड़ा पोकरण जैसलमेर को पकड़ा गया था। तकनीकी जांच में सामने आया था कि वह सोशल मीडिया के जरिए लगातार पाक जासूसी एजेंसी के हैंडलर्स के संपर्क में बना हुआ था।
इंटेलिजेंस टीम की ओर से शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे पाक जासूस झबराराम को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश पर आरोपी को पांच दिन की कस्टडी में भेजा गया।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी झबराराम को पाक एजेंसियों ने हनीट्रैप और रुपयों का लालच दिया था। पिछले करीब 19 महीने से लालच में आकर वह सेना की गुप्त सूचनाएं शेयर कर रहा था। आरोपी झबराराम को पाकिस्तान जासूसी एजेंसी के हैंडलर्स की ओर से अलग-अलग टास्क देकर इंडियम आर्मी की सूचनाएं मांगी जाती थी। टास्ट के अकोडिंग सूचनाएं भेजने पर आरोपी के बैंक अकाउंट में 5-10 हजार रुपए का छोटा-छोटा अमाउंट पेमेंट के तौर पर भेजा जाता था। उसके बैंक अकाउंट में काफी बार जासूसी के लिए पेमेंट भेजने का पता चला है। उसने अपने नाम से जारी सिमकार्ड का ओटीपी पाक हैंडलर्स को देकर वॉट्सएप सक्रिय कराया। जिसका यूज देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए हो रहा था। रिमांड पर आरोपी जासूस झबराराम से कई अहम जानकारी सामने आएगी। वह कितने हैंडलर्स से जुड़कर गुप्त सूचनाएं शेयर कर रहा था।
5-10 हजार के लिए गद्दारी कर रहा था आरोपी झबराराम, सेना की खुफिया जानकारी पाकिस्तान को भेजी


