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    पहाड़ से जंगल तक पक्के घर: छिंदवाड़ा प्रधानमंत्री की गुड लिस्ट में टॉप

    छिंदवाड़ा: प्रधानमंत्री की गुड लिस्ट में छिंदवाड़ा का नाम सबसे पहले आ गया है. क्योंकि छिंदवाड़ा जिले ने ऐसा काम किया है जो अब देश भर में चर्चा का विषय हो गया है. पहाड़ों और घने जंगलों के बीच झोपड़ी और कच्चे मकान में रहने वाले आदिवासियों को भारत सरकार की एक स्कीम से पक्के मकान बनवाकर देने के मामले में छिंदवाड़ा जिला देश में नंबर वन आया है. जिसके चलते देश भर में छिंदवाड़ा जिला चर्चाओं में बना हुआ है.

     

    आवास बनाने में देश में नंबर वन छिंदवाड़ा
    दूर-दूर पहाड़ियों और जंगलों से घिरे आदिवासी अंचल में आज विकास की एक नई इबारत लिखी गई है. कलेक्टर हरेंद्र नारायन के निर्देशन और सीईओ जिला पंचायत अग्रिम कुमार के नेतृत्व में छिंदवाड़ा जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के स्पेशल ट्रीटमेंट से राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल कर जिले को गौरवान्वित किया है. जिला पंचायत सीईओ अग्रिम कुमार ने बताया कि, ''यह सफलता केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि संवेदनशील प्रशासन, मजबूत मॉनिटरिंग और जमीनी स्तर पर सामूहिक प्रयासों का परिणाम है.''

     

    भारिया जनजाति के लिए था टारगेट
    कलेक्टर हरेन्द्र नारायण ने बताया कि, ''प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत जिले को 5797 आवासों का टारगेट मिला था. यह टारगेट विशेष रूप से भारिया आदिवासी परिवारों के लिए निर्धारित था. सुदृढ़ कार्ययोजना, नियमित फील्ड मॉनिटरिंग और ग्राम स्तर पर कम्युनिकेशन के परिणामस्वरूप वर्तमान में 5737 आवास (99%) पूर्ण हो चुके हैं. यह उपलब्धि देशभर में सबसे ज्यादा आवास पूर्णता दर के रूप में दर्ज हुई और छिंदवाड़ा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान दिलाने में सहायक बनी है.''

     

    थोक में खरीदा मटेरियल क्वालिटी, रेट का हुआ फायदा
    भारिया जनजाति को लोगों को जब मकान बनाने के लिए सरकार से अनुमति मिली तो बिल्डिंग मटेरियल खरीदना उनके लिए काफी महंगा साबित हो रहा था. क्योंकि शहर से गांव तक पहुंचने में किराया और भाड़ा ही काफी ज्यादा लग रहा था और कई बार क्वालिटी में भी कमी आ रही थी. इसको लेकर जिला प्रशासन ने ऐसा उपाय निकाला की बचत भी हुई और क्वालिटी वाला सामान भी मिला, इसके लिए थोक में मटेरियल खरीदी की गई. 25 गांवों के 1067 हितग्राहियों की सामूहिक बैठक कर हितग्राहियों की सहमति से सीमेंट, सरिया, ईंट आदि सामग्री का सामूहिक थोक में खरीदी की गई.

    अधिकृत सप्लायर्स के माध्यम से सामग्री सीधे गांव स्तर तक पहुंचाई गई. जिससे मटेरियल की कीमत में 2 से 55 रुपये तक की कमी आई. समय पर बिल्डिंग मटेरियल की उपलब्धता और प्रशासन की सतत निगरानी के कारण 2 महीने से भी कम समय में 1052 मकान कम्प्लीट कर लिए गए. हितग्राहियों को परिवहन, तकनीकी मार्गदर्शन और अन्य व्यवस्थागत सहयोग भी उपलब्ध कराया गया, जिससे निर्माण काम बाधारहित और गुणवत्तापूर्ण तरीके से संपन्न हुआ.

     

    हितग्राही के घर राज्यपाल ने खाया था खाना
    मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल 28 जनवरी को छिंदवाड़ा के भोडिया पानी गांव में पहुंचे थे. जहां उन्होंने पीएम जनमन आवास योजना की हितग्राही राजवती भारिया के घर जाकर खाना भी खाया था. राजवती भारिया ने बताया कि, ''पहले वे कच्चे मकान में रहते थे जिसे हर साल जंगल की लकड़ी और छिंद के पत्तों से बारिश के दिनों में छत को ढकते थे. लेकिन बारिश का पानी और दूसरी परेशानियों उन्हें हमेशा झेलनी पड़ती थी. पक्का मकान बनने से अब उनकी जिंदगी में बदलाव आ गया है.''

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