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    अवैध संबंध और ब्लैकमेलिंग के चलते हुई हत्या, तीन गिरफ्तार

    जालौर। जिले में बहुचर्चित गणपतसिंह माण्डोली हत्याकांड का पुलिस ने करीब डेढ़ साल बाद खुलासा कर दिया है। लंबे समय तक अनसुलझे रहे इस अंधे हत्याकांड में पुलिस ने एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अवैध संबंध और ब्लैकमेलिंग के विवाद के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया।

    कैसे हुई थी यह घटना?

    पुलिस के अनुसार, 28 अगस्त 2024 को माण्डोली निवासी कल्याणसिंह पुत्र रणसिंह ने पुलिस थाना रामसीन में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया कि उनका भाई गणपतसिंह 27 अगस्त 2024 की शाम करीब 7:30 बजे अपनी दुकान से मोटरसाइकिल लेकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन परिजनों द्वारा तलाश करने पर माण्डोली सरहद में कोलाया नाडा जाने वाली कच्ची सड़क पर मोटरसाइकिल के पास उसका शव मिला। मृतक के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए, जिससे हत्या की आशंका जताई गई।
     
    मामला दर्ज और जांच की दिशा

    इस रिपोर्ट पर पुलिस थाना रामसीन में प्रकरण संख्या 135/2024 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) व 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जोधपुर रेंज के महानिरीक्षक के निर्देश पर जालोर पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह इन्दोलिया ने जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (त्वरित अनुसंधान निस्तारण दल) भूपेन्द्र सिंह आरपीएस को सौंपी। उनके नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर जांच को आगे बढ़ाया गया।
     
    तकनीकी जांच और गिरफ्तारी

    पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, गोपनीय सूचना और मोबाइल कॉल डिटेल का गहन विश्लेषण करते हुए संदिग्धों पर निगरानी रखी। जांच के दौरान माण्डोली निवासी गजेन्द्रसिंह पुत्र सुरेन्द्रसिंह (राजपूत), वागाराम पुत्र कानाराम (भील) तथा लच्छु देवी पत्नी सवाराम (चौधरी) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया और आगे की पूछताछ जारी है।
     
    सामने आया हत्या का कारण

    पुलिस के अनुसार, गणपतसिंह की हत्या के पीछे अवैध संबंध और उससे जुड़ी ब्लैकमेलिंग का विवाद प्रमुख कारण रहा। इसी विवाद के चलते आरोपियों ने योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। हत्याकांड के खुलासे को लेकर मृतक के परिजनों द्वारा लगातार आंदोलन किया जा रहा था। कलेक्ट्रेट के बाहर मृतक की मां और पत्नी सहित परिजन भूख हड़ताल पर बैठे थे। परिजनों ने कई बार ज्ञापन सौंपे और सर्व समाज की ओर से महापड़ाव भी आयोजित किया गया। पिछले 15 दिनों से तीसरी बार धरना जारी था, जिसके बीच पुलिस ने मामले का खुलासा किया।
     
    मामले की जांच जारी

    फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।

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