Bhopal AIIMS: इंदौर के एमवाय अस्पताल में चूहों के काटने से दो नवजातों को मौत हो गई थी. लेकिन इसके बाद भी बड़े अस्पतालों के जिम्मेदार अधिकारियों की नींद नहीं खुली है. मध्य प्रदेश में इंदौर के एमवाय अस्पताल के बाद चूहे अब भोपाल के एम्स में भी दिखाई दे रहे हैं. भोपाल एम्स के नवजात गहन चिकित्सा ईकाई (NICU) में चूहे दिखने के बाद चिंता बढ़ गई हैं.
स्टाफ की शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
भोपाल एम्स के एनआईसीयू में 20 बेड हैं. ये सभी बेड अधिकांश समय फुल रहते हैं. इसके पहले भी यहां कई बार चूहे दिख चुके हैं. इसको लेकर स्टाफ ने अस्पताल प्रशासन से शिकायत भी की थी. लेकिन शिकायत के बावजूद ना कोई समाधान नहीं किया गया. इस वार्ड में कई गंभीर हालत के नवजात भर्ती किए जाते हैं. ऐसे में अस्पताल प्रशासन की ये लापरवाही नवजातों के लिए जानलेवा साबित होगी.
केवल काटने से ही नहीं, चूहों की मौजूदगी भी बड़ा खतरा
बड़े अस्पतालों में चूहों को लेकर एक्सपर्ट्स का कहना है कि नवजात के वार्ड में चूहों की मौजूदगी भी बड़ा खतरा है. चूहें नहीं भी काटें तो भी उनके रहने से बड़ा खतरा रहता है. चूहों का शरीर मल-मूत्र और उनकी लार से बच्चों में संक्रमण फैलना का बड़ा खतरा रहता है. इसके अलावा चूहे वायरिंग और उपकरणों को कुतर देते हैं, जिसके कारण अनहोनी का खतरा बना रहता है.
वहीं भोपाल एम्स में चूहे दिखाई देने के बाद मेडिकल सुप्रिटेंडेंट का मामले पर कहना है कि वार्ड में पेस्ट कंट्रोल की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है. इसके कारण चूहे और कॉक्रोच फाल सीलिंग से निकलकर वार्ड में आ गए हैं. इसीलिए बेड के पास चूहे दिखाई दे रहे हैं.
इंदौर के एमवाय अस्पताल में चूहों ने नवजातों को कुतर दिया था
इसके पहले साल 2025 में सितंबर में इंदौर के एमवाय अस्पताल में चूहों के काटने से 2 नवजातों की मौत का मामला सामने आया था. चूहों के काटने से बच्चों की मौत का मामला होई कोर्ट तक पहुंचा था. हाई कोर्ट के आदेश के बाद मामले में लापरवाही करने वाले एक डॉक्टर समेत स्टाफ के 8 लोगों को सस्पेंड भी किया गया था.


