जयपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव इन दिनों जयपुर दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक यानी पीडीए गठबंधन इस बार निर्णायक भूमिका निभाएगा और प्रदेश की सत्ता की चाबी उन्हीं के हाथ में होगी। उनका कहना है कि यह सामाजिक समीकरण भाजपा को सत्ता से बाहर करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने इंडिया गठबंधन को उत्तर प्रदेश में मजबूत बताते हुए भाजपा पर कई गंभीर आरोप भी लगाए।
एसआईआर पर उठाए सवाल
मतदाता सूची संशोधन को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा और चुनाव प्रक्रिया पर सवालों की झड़ी लगा दी। उनका आरोप था कि शुद्धीकरण के नाम पर उनके समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं और मताधिकार के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी उंगली उठाते हुए तंज कसा कि अगर इसी तरह वोट काटे गए, तो जनता सरकार का ही शुद्धीकरण कर देगी।
नकली संतों के खिलाफ लड़ रहे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद
भारतीय समाज की मिली-जुली संस्कृति को देश की असली पहचान बताते हुए अखिलेश ने कहा कि इतिहास से सकारात्मक सीख लेनी चाहिए। सामंजस्य और सौहार्द के बिना समाज में अमन-चैन संभव नहीं है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा कि वे नकली संतों के खिलाफ लड़ रहे हैं और समाजवादी पार्टी उनका सम्मान करती है।
काशी के विकास कार्यों पर सवाल उठाए
राष्ट्रीय राजनीति पर बोलते हुए उन्होंने नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री बनाने की चर्चाओं का जिक्र किया। वाराणसी के मणिकर्णिका घाट और काशी के विकास कार्यों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि क्योटो बनाने का वादा हवा हो गया। उन्होंने मेट्रो परियोजना ठप होने और अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया। फिल्म धुरंधर और नोटबंदी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा काल्पनिक बातों को हकीकत की तरह पेश करती है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए यह भी जोड़ा कि प्रदेश में रोज गांजा पकड़ा जाता है, लेकिन यह कहां जाता है, यह रहस्य बना हुआ है और शायद भविष्य में इस पर कोई ओटीटी सीरीज भी आ जाए।


