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    Homeराज्यमध्यप्रदेशमनोहर पोरवाल बने रतलाम विकास प्राधिकरण अध्यक्ष

    मनोहर पोरवाल बने रतलाम विकास प्राधिकरण अध्यक्ष

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मोहन सरकार ने सत्ता के विकेंद्रीकरण और सांगठनिक सामंजस्य को मजबूती देते हुए विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियों का दौर तेज कर दिया है। उज्जैन, ग्वालियर और अमरकंटक के बाद अब रतलाम, विन्ध्य तथा चित्रकूट विकास प्राधिकरणों में भी नई नियुक्तियों की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। 29 अप्रैल 2026 को नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, रतलाम विकास प्राधिकरण की कमान अनुभवी नेता मनोहर पोरवाल को सौंपी गई है। पोरवाल, जिन्हें सूक्ष्म एवं लघु उद्योग मंत्री चैतन्य काश्यप का विश्वस्त माना जाता है, वर्तमान में रेल सलाहकार समिति और रोगी कल्याण समिति जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सक्रिय हैं। उनके साथ गोविंद काकाणी और प्रवीण सोनी को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि बोर्ड में सामाजिक विविधता का ध्यान रखते हुए पांच अन्य सदस्यों को भी स्थान मिला है।

    विन्ध्य और चित्रकूट में क्षेत्रीय संतुलन पर जोर

    विन्ध्य क्षेत्र के चहुंमुखी विकास की रूपरेखा को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सरकार ने पंचूलाल प्रजापति को विन्ध्य विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस रणनीतिक कदम के जरिए डॉ. अजय सिंह और संजय तीर्थानी को उपाध्यक्ष बनाकर क्षेत्रीय राजनीति में संतुलन साधने का प्रयास किया गया है। वहीं, धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण चित्रकूट विकास प्राधिकरण की अध्यक्षता विजय यादव को सौंपी गई है। योजना एवं सांख्यिकी विभाग के इन आदेशों के अनुसार ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नियुक्तियों के जरिए मुख्यमंत्री ने न केवल प्रशासनिक कार्यों में गति लाने की कोशिश की है, बल्कि संगठन के पुराने कार्यकर्ताओं और विभिन्न गुटों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने का एक बड़ा संदेश भी दिया है।

    सत्ता के गलियारों में नियुक्तियों का बढ़ता दायरा

    अप्रैल माह के दौरान हुई इन नियुक्तियों की श्रृंखला पर गौर करें तो सरकार ने प्रदेश के हर प्रमुख हिस्से को प्रतिनिधित्व देने की नीति अपनाई है। उज्जैन में जहाँ मुख्यमंत्री के करीबियों को तरजीह दी गई, वहीं ग्वालियर और चंबल क्षेत्र में ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर के समर्थकों के बीच सत्ता का संतुलन स्पष्ट दिखाई देता है। ग्वालियर विकास प्राधिकरण में मधुसूदन भदोरिया की नियुक्ति और अपेक्स बैंक में महेंद्र सिंह यादव की ताजपोशी इसी चुनावी और प्रशासनिक बिसात का हिस्सा मानी जा रही है। अमरकंटक में राजेंद्र भारती जैसे पुराने संघ कार्यकर्ताओं को तवज्जो देकर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह विकास की दौड़ में अनुभवी चेहरों और क्षेत्रीय समीकरणों को एक साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध है।

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